धान और चावल की रीसाइक्लिंग बर्दाश्त नहीं होगी: कलेक्टर संजय अग्रवाल, राइस मिलर्स को सख्त निर्देश
बिलासपुर (The Yuva World News)। जिले में धान खरीदी और चावल मिलिंग व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने राइस मिलर्स को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धान और चावल की रीसाइक्लिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नियमों का पालन सुनिश्चित करने, आगामी धान खरीदी के लिए बारदाना जल्द जमा करने और भारतीय खाद्य निगम (FCI) में 15 दिनों से अधिक समय से लंबित चावल स्टेक के मामलों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
राइस मिलर्स की बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की समीक्षा
26 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर की अध्यक्षता में जिले के राइस मिलर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में चावल जमा करने की प्रगति, मिलिंग से जुड़ी समस्याओं और खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने कहा कि धान उपार्जन, मिलिंग और चावल जमा करने की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए संबंधित अधिकारी सतर्कता बरतें और राइस मिलर्स निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुरूप कार्य करें।
15 नवंबर से प्रस्तावित धान खरीदी की तैयारी तेज करने के निर्देश
आगामी धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने आवश्यक बारदाने की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जिले में 15 नवंबर 2026 से धान खरीदी शुरू होना प्रस्तावित है। इसे देखते हुए उन्होंने राइस मिलर्स को बारदाना शीघ्र जमा करने और संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय से सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
प्रशासन का उद्देश्य धान खरीदी के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उपार्जन व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।
FCI में 15 दिनों से लंबित चावल स्टेक की होगी जांच
भारतीय खाद्य निगम (FCI) में चावल जमा करने की स्थिति की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने 15 दिनों से अधिक समय से लंबित स्टेक वाले राइस मिलर्स के मामलों की जांच करने के निर्देश दिए। इस जांच की जिम्मेदारी खाद्य नियंत्रक को सौंपी गई है। उन्होंने लंबित मामलों में आवश्यक कार्रवाई करते हुए चावल जमा करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।
बैठक में नागरिक आपूर्ति निगम में चावल जमा करने की प्रगति तथा अन्य जिलों में निगम के अंतर्गत चावल जमा करने की स्थिति पर भी चर्चा की गई।
चावल में ब्रोकन की निर्धारित सीमा और मिल सत्यापन पर चर्चा
बैठक के दौरान चावल में 10 प्रतिशत ब्रोकन की निर्धारित सीमा से संबंधित विषयों और राइस मिलर्स की समस्याओं की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने पिछले धान खरीदी वर्ष में मिल सत्यापन के दौरान कमियां पाए जाने वाले राइस मिलर्स के मामलों की भी समीक्षा की।
उन्होंने मिलिंग और चावल जमा करने से जुड़े कार्यों में निर्धारित मानकों एवं प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि उपार्जन और मिलिंग व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम नितिन दीवान, भारतीय खाद्य निगम के प्रबंधक अनूप कुमार, जिला विपणन अधिकारी उपेंद्र खांडे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और जिले के राइस मिलर्स उपस्थित रहे।
धान खरीदी सीजन से पहले प्रशासन की इस समीक्षा को उपार्जन, मिलिंग और चावल जमा करने की व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।








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