बिलासपुर निगम के अतिक्रमण विभाग पर मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप, शिवसेना ने आयुक्त को सौंपा ज्ञापन; कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
बिलासपुर। नगर निगम के अतिक्रमण विभाग की कार्रवाई को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। व्यापारियों के साथ कथित मारपीट, दुर्व्यवहार और दुकानों के अंदर से सामान जब्त किए जाने के आरोपों को लेकर बिलासपुर शिवसेना ने मोर्चा खोल दिया है। जिला अध्यक्ष मुकेश देवांगन के नेतृत्व में शिवसेना के प्रतिनिधिमंडल ने निगम आयुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और जिम्मेदारों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
जानकारी देते हुए जिला कार्यकारिणी सदस्य श्यामू विश्वकर्मा ने बताया कि शहर में अतिक्रमण हटाने के नाम पर व्यापारियों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार और मारपीट की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने मंगल-बृहस्पति मंदिर चौक पर एक बुजुर्ग महिला का सामान जब्त किए जाने और संडे मार्केट में रविवार को की गई कार्रवाई पर भी सवाल उठाए।
जूना बिलासपुर में व्यापारियों से मारपीट का आरोप
शिवसेना के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026, सोमवार को सुबह करीब 11 से 11:30 बजे के बीच जूना बिलासपुर में निगम के अतिक्रमण विभाग की कार्रवाई के दौरान व्यापारियों के साथ कथित तौर पर मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया। आरोप है कि दुकानों के अंदर घुसकर सामान उठाया गया और जब्त कर लिया गया।
शिवसेना ने सवाल उठाया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान क्या व्यापारियों के साथ इस तरह का व्यवहार उचित है? यदि कार्रवाई आवश्यक है, तो उसे नियमों के तहत और सम्मानजनक तरीके से क्यों नहीं किया जाता?
संडे मार्केट में कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
शिवसेना ने रविवार बाजार में की गई कार्रवाई को लेकर भी नाराजगी जताई। संगठन का सवाल है कि जब संडे मार्केट में बाजार लगाने की व्यवस्था की गई है, तो फिर वहां व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई किस आधार पर की जा रही है? संगठन ने इस मामले में निगम प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
शनिचरी फल मंडी में जब्त फल कहां जाते हैं?
शिवसेना ने शनिचरी फल मंडी में ठेला संचालकों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। श्यामू विश्वकर्मा के अनुसार, फल से भरे ठेले को निगम कार्यालय ले जाया जाता है, लेकिन जब ठेला मालिक अपना सामान छुड़ाने पहुंचते हैं, तो उनका फल गायब मिलता है।
संगठन ने आरोप लगाया कि जब्त किए गए फलों के वितरण में गड़बड़ी की आशंका है और इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
‘अतिक्रमण हटाना है या व्यापारियों को डराना?’
शिवसेना ने निगम प्रशासन से मांग की है कि अतिक्रमण विभाग में कार्रवाई के दौरान व्यापारियों से दुर्व्यवहार करने वाले कर्मचारियों और अन्य लोगों के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। संगठन का कहना है कि कार्रवाई के लिए जिम्मेदार विभाग में ऐसे कर्मचारियों की तैनाती होनी चाहिए, जो नियमों की जानकारी रखते हों और आम नागरिकों से संयमित व्यवहार करें।
शिवसेना ने चेतावनी दी है कि यदि कथित मारपीट, दुर्व्यवहार और जब्त सामान से जुड़े मामलों में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन उग्र आंदोलन करेगा।
अब सवाल यह है कि क्या निगम प्रशासन इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराएगा? क्या व्यापारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामलों में जवाबदेही तय होगी, या फिर कार्रवाई के नाम पर उठ रहे सवाल यूं ही अनसुने रह जाएंगे?
ज्ञापन सौंपने के दौरान ये रहे उपस्थित
इस कार्यक्रम में प्रदेश सचिव संतोष कौशल, जिला अध्यक्ष मुकेश देवांगन, पूर्व जिला अध्यक्ष नवीन यादव, जिला कार्यकारिणी सदस्य श्यामू विश्वकर्मा, युवा सेना जिला अध्यक्ष दुर्गेश ठाकुर, महानगर उपाध्यक्ष कमलेश गुप्ता, नवल देवांगन, शुभम गुप्ता सहित अनेक शिवसैनिक उपस्थित रहे।






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