बारनवापारा अभयारण्य में शिकारी पकड़ाए, हथियारों के साथ दो आरोपी गिरफ्तार
बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़, जो अपने घने जंगलों और समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है, वहां के बारनवापारा अभयारण्य में वन विभाग की सतर्कता से शिकार की एक बड़ी साजिश नाकाम कर दी गई। रविवार रात 25 मई को जंगल के भीतर दो संदिग्ध शिकारियों को रंगे हाथों पकड़ा गया।
सूत्रों के अनुसार, ये दोनों आरोपी वन्यजीवों का शिकार करने की नीयत से जंगल में दाखिल हुए थे। जैसे ही वे जंगल के सन्नाटे में घुसे, वहां पहले से तैनात वन विभाग की टीम ने उनकी संदिग्ध गतिविधियों को भांप लिया और तत्परता से कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
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गिरफ्तार शिकारियों की पहचान बंटी कुमार मैथ्यूज (निवासी: ग्राम कटगी, तहसील कसडोल, जिला बलौदाबाजार) और सुरेंद्र फरमान दास (निवासी: सुभाष ब्लॉक, कोरबा) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी एक वाहन में सवार होकर जंगल में दाखिल हुए थे। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पास जो हथियार थे, वे शिकार की नीयत से रखे गए थे।
वन विभाग ने आरोपियों के कब्जे से हथियार और अन्य संदिग्ध उपकरण जब्त किए हैं। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

वन विभाग की सराहनीय कार्रवाई: इस घटना से यह साबित होता है कि वन विभाग की सतर्कता और गश्ती व्यवस्था से अभयारण्य क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। विभाग ने यह भी कहा है कि जंगलों की सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए गश्त और निगरानी लगातार जारी रहेगी।
नोट: यदि कोई नागरिक जंगल में संदिग्ध गतिविधि देखे तो तुरंत स्थानीय वन विभाग को सूचित करें।






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