बिलासपुर: गनियारी में स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण जारी रहने का आरोप, शासकीय भूमि के मामले में कलेक्टर से शिकायत
छत्तीसगढ़ महतारी चौक के पास सार्वजनिक जमीन पर कब्जे की शिकायत,
उप-तहसील कार्यालय में आवेदन नहीं लेने का भी आरोप
बिलासपुर/गनियारी | The YUVA WORLD News
बिलासपुर जिले के गनियारी में शासकीय भूमि पर कथित अवैध निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है।
सशक्त नारी महासंघ, शाखा गनियारी और ग्रामवासियों ने आरोप लगाया है कि नायब तहसीलदार द्वारा
निर्माण कार्य पर रोक लगाने के लिए स्थगन आदेश जारी किए जाने के बावजूद निर्माण जारी है।
शिकायतकर्ताओं ने मामले में कलेक्टर बिलासपुर से हस्तक्षेप कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार, ग्राम गनियारी में छत्तीसगढ़ महतारी चौक के पास स्थित एक खाली शासकीय भूमि
का उपयोग ग्रामीण और महिलाएं लंबे समय से सार्वजनिक, सामाजिक एवं सामुदायिक कार्यक्रमों के
लिए करते आ रहे हैं।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि गांव के निवासी सुधीर वर्मा द्वारा उक्त भूमि पर निर्माण कार्य
शुरू किया गया था। इसकी शिकायत सशक्त नारी महासंघ और ग्रामीणों ने राजस्व विभाग से की थी।
स्थगन आदेश के बाद भी निर्माण जारी रहने का दावा
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, न्यायालय नायब तहसीलदार गनियारी ने 22 अक्टूबर 2026 को
आदेश क्रमांक 168/बा./ना. तह./2026 के तहत स्थगन आदेश जारी कर निर्माण कार्य तत्काल बंद
करने का निर्देश दिया था।
हालांकि, महासंघ और ग्रामीणों का आरोप है कि आदेश जारी होने के बाद भी निर्माण कार्य नहीं रोका
गया। इस कथित उल्लंघन को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने और आदेश के पालन
की स्थिति की जांच कराने की मांग की है।
उप-तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आदेश के कथित उल्लंघन की जानकारी देने के लिए जब प्रतिनिधि
उप-तहसील कार्यालय गनियारी पहुंचे, तो अतिरिक्त तहसीलदार ओ.पी. चंद्रवंशी कार्यालय में मौजूद
नहीं थे। वहीं, कर्मचारी मंजू खरे पर आवेदन स्वीकार करने से इनकार करने का आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने सकरी तहसीलदार को भी फोन के माध्यम से मामले की जानकारी दी,
लेकिन उन्हें कोई ठोस कार्रवाई होती दिखाई नहीं दी।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और दूसरे पक्ष
का जवाब सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
कलेक्टर से की गईं ये मांगें
सशक्त नारी महासंघ और ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि:
- शासकीय भूमि पर हो रहे कथित अवैध निर्माण को तत्काल रुकवाया जाए।
- स्थगन आदेश की अवहेलना के मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
- उप-तहसील कार्यालय के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराई जाए।
- भूमि के राजस्व रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर..
गनियारी के इस मामले में अब सबसे अहम सवाल यह है कि क्या प्रशासन मौके पर जांच कर स्थगन आदेश
के पालन की स्थिति स्पष्ट करेगा? क्या कथित अवैध निर्माण पर रोक लगाने और सार्वजनिक भूमि की
स्थिति सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध कार्रवाई होगी?
शिकायतकर्ताओं को अब प्रशासन से ठोस कार्रवाई की उम्मीद है। मामले में सभी पक्षों का जवाब और
आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।









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