बिलासपुर : जिसे पकड़कर पूछताछ के लिए थाने लाया गया, वह पुलिस अभिरक्षा से ही कथित तौर पर फरार हो गया? बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र से जुड़ा यह मामला अब पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, फरार संदेही की पहचान हरीश पटेल, निवासी बांकीमोंगरा, जिला कोरबा के रूप में बताई जा रही है। चर्चा है कि उसका संबंध नशीली कैप्सूल-टैबलेट से जुड़े मामले से है। बताया जा रहा है कि ACCU की टीम ने उसे 28 अक्टूबर की रात बिलासपुर के ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र से पकड़ा था। इसके बाद उसे चकरभाठा थाने लाया गया, जहां से उसके कथित तौर पर फरार होने की जानकारी सामने आई है।
ट्रांसपोर्ट नगर से पकड़कर थाने लाया गया था संदेही
सूत्रों के अनुसार, ACCU की टीम ने ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए हरीश पटेल को पकड़ा था। इसके बाद उसे चकरभाठा थाना पुलिस के सुपुर्द किया गया। इसी दौरान उसके पुलिस अभिरक्षा से फरार होने की चर्चा सामने आई।
हालांकि, वह थाने से किन परिस्थितियों में फरार हुआ, घटना के समय सुरक्षा की क्या व्यवस्था थी और फरारी का पता कब चला—इन सवालों पर विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने आना बाकी है।
अब सबसे बड़ा सवाल—पुलिस अभिरक्षा से कैसे फरार हुआ संदेही?
इस घटनाक्रम के बाद कई सवाल उठ रहे हैं:
🔹 संदेही को थाने लाने के बाद उसकी निगरानी की क्या व्यवस्था थी?
🔹 वह किस परिस्थिति में पुलिस अभिरक्षा से बाहर निकलने में सफल हुआ?
🔹 फरारी का पता चलने के बाद तत्काल क्या कदम उठाए गए?
🔹 क्या इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा या विभागीय जांच होगी?
ये सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि किसी संदेही को पूछताछ के लिए पुलिस थाने लाने के बाद उसकी सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित पुलिस व्यवस्था की होती है।
The YUVA WORLD News इस मामले में आधिकारिक जानकारी और पुलिस के अगले कदम पर नजर बनाए हुए है।






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