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चिरमिरी शहर के वार्ड क्रमांक 02 में कांग्रेस पर मंडराया खतरा, लोगों ने क्यों कहा वार्ड के प्रेम नगर और गाड़ा बुड़ा से मुंह मोड़ते नज़र आए बीते पांच सालो में पार्षद?

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चिरमिरी। कांग्रेस के शासनकाल में जहां प्रदेश से ले कर चिरमिरी शहर के महापौर की कुर्सी तक कांग्रेस की सत्ता के लोग विराजमान रहे यहां तक कि वार्ड क्रमांक 02 में भी पार्षद कांग्रेस के रहे जिनके शासनकाल में विकास की बहती गंगा की बड़ी बड़ी कवायदें बताईं गईं, मगर दुर्भाग्यपूर्ण वही विकास की गंगा वार्ड क्रमांक 02 तक पहुंच नहीं पाईं , ऐसा वार्ड वासियों का ही कहना है। आपको बता दें कि नगरीय निकाय चुनाव को अब महज 3-4 दिन का समय ही शेष बचा है, और शहर के विभिन्न वार्डों में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों ने अपनी कमर कस ली है, साथ ही ऐसे कई सारे वार्ड हैं जहां कांग्रेस पार्टी ने मैदान में नए चेहरों को मौका दिया है मगर कई ऐसे भी प्रत्याशी हैं जिन पर कांग्रेस पार्टी ने अपना भरोसा दुबारा जताया है, ऐसे प्रत्याशी जिन्हें पुर्व में भी जनता का भरोसा जीतने जनता की सेवा करने और वार्डों के विकास के लिए पार्टी से टिकट मिला था। जब वार्ड क्रमांक 02 से पुर्व में रहे कांग्रेस के पार्षद सुनिल कुमार के कार्यकाल में किए गए विकास की गाथाओं की सत्यता का पता लगाने उनके वार्ड का भ्रमण किया गया और वहां के लोगों से मुलाकात कर उनके कार्यों पर चर्चा की गई, तब कुछ ऐसी बातें सामने आईं जिस पर इस बात का अनुमान लगाया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी के पुर्व पार्षदों के सर्वे रिपोर्ट में एवं टिकट वितरण में या तो कोई बड़ी चूक हुई है या फिर कांग्रेस पार्टी ने मनमौजी ढंग से चुनिंदा एवं अपने कुछ ही करीबियों पर मेहरबान बनते हुए उन्हें फिर से लड़ने चुनावी मैदान में उतारा है।

भाजपा कांग्रेस दोनों पुराने प्रत्याशी एक बार फिर आमने-सामने! बीते चुनाव में कितने वोटों का रहा फासला?

मगर कुछ ऐसा ही टिकट रिपीट सिस्टम जैसा हाल भाजपा का भी है, ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि नगर पालिक निगम चिरमिरी शहर के वार्ड क्रमांक 02 जहां बीते नगरीय निकाय चुनाव में जिस प्रत्याशी राम अवतार पर भाजपा ने दांव खेला था, इस बार भी उसी प्रत्याशी पर भाजपा ने फिर से भरोसा जताया है। बीते नगरीय निकाय चुनाव में यदि इन दोनों प्रत्याशियों के बीच का फासला देखें जो कि महज 16 वोटों का था, कहने का मतलब यह है कि कांग्रेस से जीते प्रत्याशी सुनील कुमार भाजपा प्रत्याशी राम अवतार से मात्र 16 वोटों से आगे थे और उन्हें इतने वोटों के इतने कम फासलों से मात दी थी।

कांग्रेस पार्षद को ले कर लोगों की प्रतिक्रियाएं एवं शिकायतों की लंबी लिस्ट!

वार्ड के आम जनता से जब कांग्रेस पार्टी के पुर्व पार्षद के कार्यकाल के संबंध में चर्चा की गई और पुछा गया कि वार्ड के विकास के लिए उनके द्वारा वार्ड एवं वार्डवासियों का कितना ध्यान रखा गया है जिस पर लोगों ने अपनी नाराज़गी जताते हुए पुर्व पार्षद की पोल खोल दी और पेश की शिकायतों की लंबी लिस्ट। लोगों ने बताया कि कांग्रेस के शासनकाल में कांग्रेस से ही रहे वार्ड के पार्षद ने वार्ड के विकास के लिए ना तो‌ कभी कोई ध्यान दिया ना ही उन्होंने प्रेम नगर क्षेत्र को कभी कोई प्राथमिकता दी, लोगों ने बताया पांच सालों में लोगों के मूलभूत सुविधाएं पानी बिजली सड़क को ले कर ऐसे कोई विशेष काम सत्ताधारी पार्टी या उनके कार्यकर्ताओं एवं पार्षद द्वारा नहीं किया गया। लोगों के द्वारा लगाई गई गुहार को भी अक्सर पार्षद द्वारा प्रायः नज़रंदाज़ किया गया और कुछ यही हाल वार्ड क्रमांक 02 के गाड़ाबुड़ा इलाके का भी रहा जहां के स्थानीय ने बयान दिया कि उनके वार्ड पार्षद यदि कभी भूले भटके उनके क्षेत्र से गुज़र भी जाया करते थे तो उनके द्वारा मात्र सलाम नमस्ते करते हुए वार्ड के बदहाली और लोगों की समस्याओं को नज़रंदाज़ कर दिया जाता था। बीते पांच सालों में भीष्म गर्मी के मौसम में लोगों को पानी के टैंकर भी कुछ इस तरह नसीब हुए मानों मरते हुए को मात्र जीवित रखने के उद्देश्य से गला गीला रखना पड़ा, लोगों ने अपनी समस्याओं सी भरी दास्तां को आगे बढ़ाते हुए बताया कि गर्मियों के दिनों में वार्ड क्रमांक 02 के रहवासियों ने जब जब पार्षद को पानी की हो रही दुखदायी समस्या से अवगत करवाया तब पार्षद द्वारा उन्हें बेबुनियादी और झूठा आश्वासन दिया जाता रहा कि उनकी समस्याओं का निवारण किया तो जाएगा मगर इन पांच सालों में पानी के टैंकर लोगों तक ज़्यादातर पहुंच नहीं पाए और प्रेम नगर से लेकर गाड़ा बुड़ा के स्थानीय निवासी पानी की किल्लत जैसी बड़ी आफत से जूझते रहे। लोगों ने इस समस्या को ले कर पुर्व पार्षद के रवैए का प्रमाण देने पत्रकारों से पुर्व में भी संपर्क किया था जिस पर तमाम खबरें भी पार्षद के कार्यकाल में प्रकाशित की जा चुकी हैं, मगर वार्डवासियों ने सवाल किया कि क्या वार्ड क्रमांक 02 के पार्षद ने खुद को सर्वोपरि मानते हुए इस पर कोई ध्यान ना देना उचित समझा?

क्यों बताया लोगों ने कांग्रेस पार्षद के कार्यकाल को निष्क्रिय? क्यों हैं वार्डवासियों में पुर्व पार्षद को ले कर इतनी नाराज़गी?

वार्ड में अक्सर गंदगी को ले कर लोगों ने पार्षद को सूचित किया मगर उस पर भी पुर्व पार्षद के कानों में जूं तक नहीं रेंगी। साफ सफाई से ले कर गंदगी पर भी पुर्व के शासनकाल के सत्ताधारियों ने और पार्षद ने कोई विशेष ध्यान नहीं दिया, नालियों में गंदगी से ले कर वार्डों में फैली गंदगी से लोग अक्सर बिमारियों से ग्रसित रहने की बातें वार्डवासियों ने मीडियाकर्मियों से बताया और लोगों ने खुद को इन पांच सालों में विकास से अछूता ही बताया। प्रेम नगर और गाड़ा बुड़ा के स्थानीय निवासियों ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि पार्षद ने ज़्यादातर समय और सेवा इन पांच सालों में आमतौर पर वार्ड क्रमांक 02 के मार्केट एरिया में दिया, मगर वार्ड के अन्य क्षेत्रों से नदारद ही नज़र आए, लोगों ने सवाल किया कि वार्ड के विकास कार्यों पर खर्च की जाने वाली राशि यदि हकीकत में विकास कार्यों पर ही खर्च की गई तब वार्ड में विकास नज़र क्यों नहीं आ रहा? सरकार द्वारा पार्षद को प्रदाय की गई राशि खर्च कहां की गई किन कार्यों में की गई, जिसका जवाब मांगने लोगों ने पार्षद का राह ताकते रह गए मगर प्रेम नगर और गाड़ा बुड़ा की तरफ पार्षद के कदम बड़े ही मुश्किलो से पड़ते दिखाई देते थे, जिस पर लोगों ने कांग्रेस के पार्षद सुनील कुमार के कार्यकाल को सम्पूर्ण रूप से निष्क्रिय ही बताया।

पुर्व शासन काल रहा कांग्रेस का, प्रदेश से लेकर निगम तक थी कांग्रेस, फिर जनता ने क्यों असफल करार दिया पार्षद को?

वार्ड के इस दुर्भाग्यपूर्ण नज़ारों को देखते हुए वार्ड क्रमांक 02 के स्थानीय निवासियों से मुलाकात की गई और उनकी समस्याओं की लंबी चौड़ी सुचि पर जब सवाल किया गया कि क्या इस बार फिर वे पुर्व पार्षद को वार्ड विकास का मौका देंगे? जिस पर वार्डवासियों ने कहा कि बीते नगरीय निकाय चुनाव उन्होंने भाजपा प्रत्याशी पर दांव ना खेल कर कांग्रेस को मौका दिया था, स्वाभाविक सी बात है कि प्रदेश में भी उन दिनों कांग्रेस का बोलबाला था, और महापौर की कुर्सी पर भी उस समय सत्ताधारी कांग्रेस के ही महापौर विराजमान थे तब विकास की उम्मीद लोगों को सत्ताधारियों से ही की जानी थी, तो क्या इस बार वार्डवासी दुबारा मौका पुर्व पार्षद सुनील कुमार को ही देंगे? जिस पर कड़ी निंदा करते हुए और नकारात्मक प्रतिक्रियाओं को व्यक्त करते हुए वार्डवासियों ने उनके कार्यकाल को असफल करार दिया, और वार्ड क्रमांक 02 की जनता वर्तमान नगरीय निकाय चुनाव में अपना मन बदलने की बात कर रहे हैं, जहां केंद्र से लेकर प्रदेश तक भाजपा इस बार सत्ता में है, जिसका कितना असर इस नगरीय निकाय चुनाव में पड़ेगा और बीते नगरीय निकाय चुनाव में वार्ड पार्षद की लड़ाई में असफल रहे भाजपा प्रत्याशी राम अवतार क्या इस बार 16 वोटों की हार को पार करते हुए इस चुनाव में वार्ड पार्षद की लड़ाई जीतेंगे? वार्ड क्रमांक 02 में कौन होगा पार्षद कौन लहराएगा जीत का परचम और किसने नाम होगी पार्षद की कुर्सी? फिलहाल इस असमंजस सी स्थिति का जवाब जनता अपनी अनेकों प्रतिक्रियाएं दे रही है, वार्ड क्रमांक 02 से उठ रहे इस कौतूहल से धुंध तो अब चुनाव के निर्णय के बाद ही हटेगी और चुनाव का निर्णय ही बताएगा कि वार्ड क्रमांक 02 के लिए जनता किसे काबिल करार देगी, कांग्रेस प्रत्याशी सुनील कुमार को या भाजपा प्रत्याशी राम अवतार को?

देबाशीष गांगुली ( ब्यूरो प्रमुख सरगुजा संभाग )

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