बिलासपुर : जिले में एग्रीस्टेक परियोजना के तहत ऑनलाइन कृषक पंजीयन की धीमी प्रगति को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। बिलासपुर कलेक्टर ने बिलासपुर, बेलतरा, बिल्हा, मस्तूरी, सीपत, सकरी और तखतपुर के तहसीलदारों को लापरवाही बरतने पर शोकॉज नोटिस जारी किया है। हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में 15 मार्च 2025 तक शत-प्रतिशत पंजीयन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन अब तक की प्रगति संतोषजनक नहीं रही। इसी के चलते कलेक्टर ने 3 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।
नहीं सुधरे तो होगी कड़ी कार्रवाई
प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यदि समयसीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया या पंजीयन की गति में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित तहसीलदारों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
एग्रीस्टेक परियोजना का महत्व
यह परियोजना शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है, जिसका उद्देश्य किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना है। समयसीमा में पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने अब कड़ा रुख अपनाया है।
कृषक पंजीयन में सुस्ती क्यों?
अब तक के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में पंजीयन की प्रगति उम्मीद से काफी कम रही है। इसे देखते हुए कलेक्टर ने तहसीलवार समीक्षा कर लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू की है। प्रशासन की इस सख्ती से तहसील स्तर पर पंजीयन कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।








Average Rating
More Stories
Singapore News: अचानक बंद हुआ True Fitness जिम, अभिनेत्री Chen Xiuhuan बोलीं- ‘दिल टूट गया’
CG News: केशकाल में लगी देवी-देवताओं की अदालत, भंगाराम माई के दरबार में 35 को सजा!
छत्तीसगढ़ में गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत! PM Awas Yojana Urban की कट-ऑफ डेट बदली