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BILASPUR : थाने के साए में कानून बेबस! सत्यम टॉकीज चौक से मगरपारा चौंक तक स्कूलों के आसपास खुलेआम तंबाकू उत्पादों की बिक्री, देर रात तक जारी कारोबार… आखिर कब जागेगा प्रशासन?

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बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर का सिविल लाइन थाना क्षेत्र, विशेष रूप से सत्यम टॉकीज चौक से मगरपारा चौंक जाने वाले मार्ग तक का इलाका, इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस पूरे क्षेत्र में, जहां स्कूल भी स्थित हैं, तंबाकू उत्पादों की खुलेआम बिक्री होती है और कई दुकानें देर रात तक संचालित रहती हैं। लोगों का कहना है कि रात गहराने के बाद भी यहां युवाओं की आवाजाही बनी रहती है और प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। यदि यह स्थिति सही है, तो यह केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और युवाओं के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है।

         स्कूल के आसपास ही देर रात तक खुला पान दुकान

COTPA Act, 2003  स्पष्ट रूप से कहता है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 गज के भीतर तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है। सरकार तंबाकू मुक्त विद्यालयों के दावे करती है, स्वास्थ्य विभाग जागरूकता अभियान चलाता है और प्रशासन समय-समय पर सख्ती की बातें करता है। लेकिन यदि शहर के सबसे संवेदनशील क्षेत्र में ही ऐसे आरोप सामने आ रहे हैं, तो यह पूछना लाज़िमी है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद में हैं? क्या सरकारी आदेश केवल बैठकों, फाइलों और प्रेस विज्ञप्तियों तक सीमित होकर रह गए हैं?

स्थानीय लोगों का यह भी दावा है कि देर रात पुलिस के वाहन भी कई बार इन दुकानों के सामने रुकते देखे जाते हैं और दुकान संचालक बाहर निकलकर उनकी आवभगत करते दिखाई देते हैं। The Yuva World News इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता, लेकिन यदि ऐसे आरोप लगातार सामने आ रहे हैं, तो पुलिस प्रशासन का दायित्व बनता है कि वह इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराए, ताकि किसी भी प्रकार के संदेह की स्थिति समाप्त हो और जनता का विश्वास बना रहे।

रात के समय तंबाकू और नशे से जुड़े उत्पादों की उपलब्धता केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं है। नशे की प्रवृत्ति युवाओं को गलत दिशा में धकेल सकती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं, आपसी विवादों, हिंसक घटनाओं और अन्य कानून-व्यवस्था संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में इस पूरे क्षेत्र की नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सिविल लाइन थाना कुछ ही दूरी पर है, तब भी यदि प्रतिबंधित क्षेत्र में नियमों के उल्लंघन के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं, तो आखिर जिम्मेदारी किसकी तय होगी? यदि न्यायधानी बिलासपुर के सबसे संवेदनशील इलाके की यह तस्वीर है, तो जिले के अन्य हिस्सों में कानून के पालन की स्थिति क्या होगी? यह सवाल अब केवल मीडिया का नहीं, बल्कि हर अभिभावक और हर जिम्मेदार नागरिक का है।

The Yuva World News जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग से मांग करता है कि सत्यम टॉकीज चौक से मगरपारा रोड तक विशेष संयुक्त अभियान चलाकर पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया जाए, स्कूलों के 100 गज के दायरे में संचालित दुकानों की जांच की जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो बिना किसी भेदभाव के कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। कानून की असली ताकत केवल आदेश जारी करने में नहीं, बल्कि उसके निष्पक्ष और दृश्यमान पालन में है। बिलासपुर की जनता अब दावों से नहीं, बल्कि कार्रवाई से विश्वास करना चाहती है।

मनमोहन पात्रे संपादक The YUVA WORLD News

2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत, दैनिक अखबार, सेटेलाइट न्यूज़ चैनल, राष्ट्रीय मासिक पत्रिका में कार्य करने का अनुभव B. Sc. Mathematics व पत्रकारिता में BJMC कि डिग्री। पूर्व बिलासपुर जिला सचिव : Chhattisgarh Journalist Union Journalist Manmohan Patre Chhattisgarh

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