चिरमिरी। छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल जहां प्रदेश भर की स्वास्थ्य सुविधाओं को और भी बेहतर बनाने में लगे हुए हैं, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने के लिए ऐसे सैकड़ों सरकारी व्यवस्थाएं एवं योजनाएं आम जनता की बीच लाई जा रही हैं जिससे प्रदेश भर में लोगों को हेल्थ एंड मेडिकल से जुड़े हर तरह की सुविधाएं मिल सकें, वहीं दूसरी ओर सरकारी पदों पर विराजमान कुछ ऐसे स्वास्थ्य अधिकारियों के कार्यशैली से नगरवासियों में मजबूरी और नाराजगी भी देखी जा रही है, जहां मरीजों द्वारा अस्पताल में बैठकर चिकित्सकों का इंतज़ार किया जाता है, मगर देखा जा रहा है कि डॉक्टरों द्वारा काफी विलंब करते हुए ड्यूटी पर मनमौजी ढंग से आया जाता है, जनता की इन समस्याओं की खबरें काफ़ी समय से सुनने को मिल रहीं थीं मगर आज देखने को भी मिल गईं, जब अस्पताल स्टाफ में मात्र स्वास्थ्य विभाग की मात्र एक स्वच्छता कर्मी ही वहां उपस्थित नज़र आईं।

यह पूरा मामला है जिला मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर के नगर पालिक निगम चिरमिरी शहर के पोंड़ी क्षेत्र में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दीबाड़ी का, जहां डॉक्टरों की अनियमितता और देरी से अस्पताल पहुंचने की खबरें काफ़ी दिनों से सुर्खियां बटोर रही थीं, जिसकी पुष्टि वहां की खाली कुर्सियां और बंद दरवाज़ो ने ही कर दिया, ऐसी परिस्थितियों से स्थानीय लोगों में बेबसी का आलम छाया हुआ था, इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के संबंध में वहां के स्थानीय सुत्रों से मिली तमाम तथ्यों से जुड़ी ऐसी जानकारी भी दी गई, कि मरीज़ अक्सर सुबह के 10:30 तो कभी सुबह के 10:45 बजे तक डॉक्टरों का इंतज़ार करते रहते मगर, अस्पताल परिसर में ना तो डॉक्टर नज़र आते ना ही कोई अन्य स्वास्थ्यकर्मी, मजबूरन स्थानीय लोगों को बड़ी तकलीफ़ों का सामना करते हुए अन्य क्षेत्रों में इलाज करवाने जाना पड़ता।

कुछ ऐसा ही नज़ारा आज दिनांक 03.09.2026 दिन गुरूवार की सुबह देखा गया, जब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दीबाड़ी परिसर में ना ही स्वास्थ्य प्रभारी नज़र आए और ना ही अन्य डॉक्टर, यहां तक की अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी समय से विलंब काफी देर से अपने कार्यस्थल पहुंचे, जिस वक्त स्थानीय मरीजों को वहां बैठा पाया गया, निगाहें डॉक्टर की तलाश करती रहीं मगर अस्पताल सूना सूना नज़र आया, इस मंज़र को देखते हुए इसकी खबर लेने के लिए जब वहां कार्यरत डॉक्टर को फोन के द्वारा संपर्क करने का प्रयास किया गया मगर उनके द्वारा भी फोन नहीं उठाया गया, कारण निजी भी हो सकते हैं, वहां मौजूद छोटे बच्चे और स्थानीय मरीजों के लंबे इंतज़ार के बाद, जब इस पूरे मंज़र की खबर जिला मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर के जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर अविनाश खरे को दी गई, उनके संज्ञान में इस पूरे मामले को रखते हुए यहां आम जनता को हो रही समस्याओं के संबंध में सूचना दी गई, जिसके बाद कुछ ही क्षणों में उनके द्वारा इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए वहां कार्यरत डॉक्टरों पर तत्काल कार्यवाही की गई, डॉ. खरे द्वारा यह भी बताया गया कि संबंधित चिकित्सकों के विरूद्ध नोटिस जारी की जाएगी और भविष्य में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दीबाड़ी में ऐसी समस्याएं फिर से ना देखने मिले जिसको ले कर हर संभव प्रयास किए जाएंगे। डॉ. अविनाश खरे ने कहा, जिले भर में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए जिले की स्वास्थ्य विभाग दिन रात मेहनत में लगा है और कहीं भी यदि ऐसी त्रुटियां देखने या सुनने को मिलती हैं तो उन्हें तत्काल सुदारा जाएगा, बेहतर किया जाएगा और पूरी कोशिश रहेगी कि हर एक नागरिक को उचित, नियमित एवं उच्च स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदाय की जा सकें। उम्मीद है कि जिला के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अविनाश खरे की ऐसी तत्परता भरी कार्यशैली का उचित प्रभाव क्षेत्र के तमाम स्वास्थ्य केंद्रों में देखने को मिलेगा, और लोगों को उनके स्वास्थ्य अधिकारों से कभी वंचित नहीं रहना पड़ेगा, परिस्थितियां कैसी होंगी, यह तो अब आने वाला समय ही बताएगा।






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