बिलासपुर : धनतेरस के पावन अवसर पर बिल्हा विधायक और छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के ग्राम परसदा (पोस्ट – तिफरा, जिला – बिलासपुर) स्थित पैतृक निवास पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति और परंपरा की जीवंत झलक देखने को मिली। इस मौके पर क्षेत्र की युवतियों और महिलाओं की टोली ने पारंपरिक ‘सुआ नाच’ की सुंदर प्रस्तुति दी।
छत्तीसगढ़ में धनतेरस से लेकर देवउठनी एकादशी तक घर-घर जाकर सुआ नृत्य करने की पुरानी परंपरा है। इसमें महिलाएं बांस की टोकरी में धान और मिट्टी का सुआ (तोता) रखकर वृत्ताकार घेरे में तालियों की थाप पर सुआ गीत गाती हैं।
पारंपरिक वेशभूषा में सजी टोली, विधायक संग ली सेल्फी
परसदा स्थित निवास प्रांगण में युवतियों ने एक जैसी नीली साड़ी (लुगरा) और पारंपरिक आभूषण पहनकर तालियों की गूंज के साथ सुआ नृत्य प्रस्तुत किया। आंगन के बीच पूजा सामग्री व नारियल से सजी सुआ की टोकरी रखी गई थी।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने घर पहुंची टोली का आत्मीय स्वागत किया, उनका उत्साहवर्धन किया और सभी को दीपोत्सव की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उपस्थित युवतियों में खासा उत्साह रहा और उन्होंने विधायक कौशिक के साथ सेल्फी भी ली।








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