नववर्ष पर अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर ने मरीजों को दिया एआई तकनीक का अनमोल उपहार
बिलासपुर के अपोलो हॉस्पिटल ने नववर्ष के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मरीजों के लिए एक बड़ी सौगात दी है। मरीजों की बेहतर देखभाल और सुरक्षा के लिए हॉस्पिटल ने एआई तकनीक आधारित रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम और अर्ली वार्निंग सिस्टम के साथ स्मार्ट बेड सुविधा की शुरुआत की है। यह सुविधा छत्तीसगढ़ में पहली बार अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर में शुरू की गई है।
विश्वस्तरीय चिकित्सा में अग्रणी अपोलो हॉस्पिटल्स
अपोलो हॉस्पिटल्स हमेशा से ही उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। संस्था प्रमुख श्री अरनव राहा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि यह नई तकनीक मरीजों की देखभाल में एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। उन्होंने कहा, “अपोलो हॉस्पिटल्स ने मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य मॉनिटरिंग को एक नई दिशा देने के लिए यह पहल की है। यह तकनीक मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”
कैसे काम करता है यह स्मार्ट बेड सिस्टम?
इस तकनीक के तहत मरीज के बिस्तर पर एक विशेष सेंसर लगाया जाता है, जो मरीज के शरीर को स्पर्श किए बिना उनके स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पैरामीटर जैसे:
- रक्तचाप
- SPO2
- पल्स
- हार्ट रेट
- शरीर का तापमान
को निरंतर मॉनिटर करता है। यह सेंसर एक छोटी मशीन से जुड़ा होता है, जो किसी भी असामान्यता की जानकारी तुरंत संबंधित नर्सिंग स्टेशन, दूरस्थ सेंटर मॉनिटरिंग सिस्टम और संबंधित चिकित्सक को भेज देता है।
तत्काल उपचार में सहायक
इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि मरीज के पैरामीटर में होने वाले किसी भी असामान्य परिवर्तन का तुरंत पता चलता है। ऐसे में समीप मौजूद स्टाफ तुरंत उपचार शुरू कर सकता है, जिससे मरीज का जीवन बचाने में सहायता मिलती है।
मरीजों और चिकित्सकों को मिलेगा लाभ
श्री राहा ने बताया कि इस तकनीक को पहले चरण में 10 स्मार्ट बेड पर लागू किया गया है। इसके शुरुआती परिणामों का अध्ययन करने के बाद, इसे आगे बढ़ाने की योजना बनाई जाएगी। इस तकनीक के उपयोग से मरीजों की सुरक्षा और उपचार में तेजी आएगी। सभी संबंधित चिकित्सकों और स्टाफ को इस तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे अंचल के मरीजों को लाभ मिल सके।
स्मार्ट चिकित्सा का एक नया अध्याय
अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर का यह कदम छत्तीसगढ़ में चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने वाला है। यह एआई आधारित तकनीक न केवल मरीजों की सुरक्षा को बढ़ावा देगी, बल्कि अस्पताल के स्वास्थ्य सेवाओं को भी विश्वस्तरीय बनाएगी।









Average Rating
More Stories
Raigarh News: सोनू अग्रवाल को अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन की जिला युवा इकाई का अध्यक्ष…. प्रतीक अग्रवाल को जिला महामंत्री की जिम्मेदारी..
Ambikapur News: कांग्रेस में जाने के 10 दिन बाद नूर हसन अली की AAP में वापसी, 150 से अधिक कार्यकर्ता भी लौटे
Bilaspur News: नगर निगम सामान्य सभा से पहले BJP पार्षद दल की बैठक, अमर अग्रवाल ने दिए ये निर्देश