खचाखच भरे लाल बहादुर स्टेडियम के बीच 138 जोड़ों के जीवन में अब आयेगी बहार, आज शुरू हुआ एक नया अध्याय

एमसीबी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजनांतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आज चिरमिरी के गोदरी पारा लाल बहादुर स्टेडियम में 138 जोड़ों का विवाह हिन्दू रीति रिवाज से संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और विशिष्ठ अतिथि के तौर पर नगर पालिक निगम चिरमिरी के महापौर राम नरेश राय, संतोष सिंह सभापति नगर पालिक निगम चिरमिरी, श्रीमती प्रतिमा यादव, अध्यक्ष नगर पालिका मनेंद्रगढ़, श्रीमती श्याम बाई मरकाम, अध्यक्ष जनपद पंचायत खड़गवां, श्रीमती ललिता रामा यादव, अध्यक्ष नगर पंचायत खोगापानी, वीरेंद्र सिंह राणा अध्यक्ष, नगर पंचायत लेदरी शामिल हुए। विदित हो कि 138 जोड़ों को विवाह बंधन के रस्मों में बाधने हिन्दू रीति रिवाज और ब्रह् वाक्य से मात्रोचार का दौर चलता रहा जिसमें 04 – 04 जोड़े में बैठे वर वधु रस्मों की अदायगी करते रहे और विवाह संपन्न होने के बाद अग्नि को साक्षी मानकर सात बार परिक्रमा और सात बचन की डोर का रिवाज भी संपन्न कराया गया। इसके साथ ही सिंदूर दान फिर मंगल सूत्र बांधकर 138 जोड़े पति – पत्नी रूप में एक दूजे के हो गए।
ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ सरकार इस सामूहिक विवाह के लिए 50000 की राशि प्रत्येक जोड़े के लिए उपलब्ध कराती है जिसमें विभाग द्वारा 7000 हजार रुपए में वर के लिए दूल्हे का कपड़ा, सेंडिल और वधु के लिए दुल्हन का श्रृंगार, मंगलसूत्र, सेंडिल, शादी का जोड़ा इत्यादि शामिल होता है वही 8000 रुपए में टेंट, घराती और बाराती के लिए भोजन व अन्य आवश्यक आकस्मिक कोष से खर्च किया जाता है तथा विवाह उपरांत नव दंपति को आगे अन्य जरूरत के समानों की खरीदी हेतु चेक के माध्यम से वधु यानि दुल्हन के खाते में 35000 हजार रूपये का भुगतान किया जाएगा। महिला बाल विकास विभाग अधिकारी ने बताया कि आज 138 जोड़ों में 70 जोड़े खड़गवां, मनेंद्रगढ़ से 34 और चिरमिरी से भी 34 जोड़े सामूहिक विवाह कार्यक्रम शामिल हुए है। कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्य अतिथि सभी नव जोड़ों को फूल की वर्षा कर शुभकामना, बधाई और सफल दाम्पत्य जीवन के लिए अपना आशीर्वाद प्रदान किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की साय सरकार सब कुछ साय साय कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि जब एक जोड़े का शादी होता है तो मंडप गड़ने के एक दिन पहले से लेकर मड़वा उजड़ने तक सात से आठ दिनों तक लगे रहते है क्योंकि उस समय बहन, बेटी और रिश्तेदार सभी मंडप के एक दिन पहले ही आ जाते है। उन्होंने चौथी जैसे रिवाज का भी जिक्र कर कई खास बाते नव जोड़े को बताने के साथ कहा कि आज एक दिन में बारात भी, विवाह भी और विदाई भी वो भी एक साथ 138 जोड़े का, वाकई में सरकार की यह योजना मध्यम और गरीब परिवारों के लिए राहत भरा है। नव दाम्पत्य जीवन की शुरुआत है और आज 138 जोड़े एक नई पारी की शुरुआत करेंगे जिसमें बड़ी जिम्मेदारियों होगी, कड़ी चुनौतियां भी आएंगी लेकिन एक सुखमय परिवार, विकसित छत्तीसगढ़ की नींव रखेगा जो आप से है और ऐसा कहते हुए मंत्री जी ने एक बार फिर सभी नव जोड़ों को शुभकामनाएं बधाई दी। उक्त कार्यक्रम में महिला बाल विकास विभाग एमसीबी की पूरी टीम सहित जिले के सभी नगरीय निकायों के एमआईसी,नव निर्वाचित पार्षद, एसडीएम चिरमिरी, CSP चिरमिरी, युवा भाजपा के कार्यकर्ता, वर बधु के परिजन और भारी संख्या में सामूहिक विवाह में सम्मिलित हुए बाराती शामिल रहे।
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