जांजगीर – चाम्पा
। स्वास्थ्य व्यवस्था की धज्जियाँ उड़ती देखनी हो तो बिर्रा आइए! यहां एक बंगाली मूल का फर्जी डॉक्टर बिना किसी मेडिकल डिग्री के इलाज कर रहा है – वो भी खुलेआम! सरकारी सिस्टम आंख मूंदे बैठा है और इस नकली डॉक्टर की दुकानदारी दिन-ब-दिन फल-फूल रही है।
गांव के भोले-भाले लोग इस तथाकथित ‘डॉक्टर बाबू’ को भगवान मान बैठे हैं, जबकि हकीकत यह है कि उनके स्वास्थ्य के साथ घिनौना मजाक हो रहा है। यह व्यक्ति न तो किसी मेडिकल कॉलेज का छात्र रहा, न ही किसी रजिस्ट्रेशन बोर्ड से प्रमाणित। फिर भी ये शख्स इंजेक्शन लगा रहा है, दवाइयां लिख रहा है, और यहां तक कि गंभीर बीमारियों का ‘इलाज’ भी कर रहा है।
प्रशासन की चुप्पी शर्मनाक
सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन आंखें मूंदे क्यों बैठा है? क्या किसी बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार हो रहा है? कौन है जो इस फर्जी डॉक्टर को संरक्षण दे रहा है।
ग्रामीणों की जान खतरे में
इस फर्जी क्लिनिक में अब तक कितने मरीज गलत दवा या इलाज से प्रभावित हुए हैं, इसका कोई हिसाब नहीं। ग्रामीण मजबूरी में उसकी शरण में जा रहे हैं, लेकिन यह मौन सहमति एक दिन भारी पड़ सकती है।
क्या विभाग जागेगी
यह मामला सिर्फ एक गांव का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान है। अब समय आ गया है कि ऐसे फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, वरना अगली सुर्खी किसी मासूम की मौत की हो सकती है!
वर्जन
एक बार कार्यवाही कर चुके हैं अगर उसके बावजूद संचालित हो रहा है तो कार्यवाही करेंगे।।
अजम्भर सिसोदिया
बीएमओ





Average Rating
More Stories
बिलासपुर: रसूखदार कबाड़ कारोबारी मारपीट मामले में गिरफ्तार, दूसरा आरोपी फरार!
बिलासपुर: गनियारी में स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण जारी रहने का आरोप, शासकीय भूमि के मामले में कलेक्टर से शिकायत..अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
Bilaspur : धान और चावल की रीसाइक्लिंग बर्दाश्त नहीं होगी: कलेक्टर संजय अग्रवाल, राइस मिलर्स को सख्त निर्देश