राष्ट्रीय स्तर पर बारगांव विद्यालय के छात्र चिंताराम पटेल करेंगे अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन
बेमेतरा। कुछ करने का जज्बा हो तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। इस कथन को साकार कर दिखाया है बेमेतरा जिले के मुड़पार गांव निवासी और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बारगांव के कक्षा 11वीं के होनहार छात्र एवं हॉकी खिलाड़ी चिंताराम पटेल ने।
चिंताराम पटेल का चयन 69वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा हॉकी प्रतियोगिता (अंडर-17 बालक वर्ग) के लिए हुआ है, जिसका आयोजन 27 से 31 जनवरी 2026 तक झारखंड की राजधानी रांची में किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में वे छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
ग्रामीण अंचल के लिए गर्व का क्षण
यह बेमेतरा जिले सहित पूरे ग्रामीण अंचल के लिए गर्व का विषय है, क्योंकि मुड़पार जैसे छोटे गांव से पहली बार किसी खिलाड़ी का चयन राष्ट्रीय स्तर की हॉकी प्रतियोगिता के लिए हुआ है। चिंताराम की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
चिंताराम पटेल प्रतिदिन अपने गांव मुड़पार से लगभग 4 किलोमीटर साइकिल चलाकर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बारगांव के खेल मैदान में अभ्यास के लिए पहुंचते हैं। वहां वे अपनी व्यायाम शिक्षिका एवं कोच तुलसी साहू के कुशल मार्गदर्शन में नियमित अभ्यास करते हैं।
कोच के नेतृत्व, कड़ी मेहनत और चिंताराम के खेल के प्रति जुनून ने उनकी प्रतिभा को निखारते हुए उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन
कोरबा में आयोजित 25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा हॉकी प्रतियोगिता में चिंताराम पटेल ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए 4 महत्वपूर्ण गोल दागे। उनके इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत दुर्ग संभाग टीम ने कांस्य पदक हासिल किया और यहीं से उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के लिए अपना टिकट पक्का किया।
राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने का सपना
चिंताराम पटेल का सपना है कि वे हॉकी खेल में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतकर अपने गांव, जिले, राज्य और देश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि “मेरी इस उपलब्धि में मेरे परिवार और मेरी कोच तुलसी साहू का सबसे बड़ा योगदान है। मेरा लक्ष्य अब राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करना है।”
माता-पिता ने मिठाई खिलाकर दिया आशीर्वाद
इस उपलब्धि पर चिंताराम के पिता देवीसिंह पटेल, जो एक उन्नत कृषक हैं, ने मिठाई खिलाकर बेटे को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि अब खेल भी करियर का सशक्त माध्यम बन चुका है और माता-पिता को अपने बच्चों को खेलों से अवश्य जोड़ना चाहिए।
कोच तुलसी साहू का प्रेरणादायक संदेश
व्यायाम शिक्षिका एवं कोच तुलसी साहू ने कहा कि हॉकी हमारी मिट्टी से जुड़ा खेल है, जो अनुशासन, शारीरिक मजबूती और त्वरित निर्णय क्षमता सिखाता है। चिंताराम का चयन यह दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
विद्यालय परिवार ने दी शुभकामनाएं
विद्यालय के प्राचार्य श्याम सिंह ने चिंताराम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे जिले के लिए गौरव का विषय है। साथ ही विद्यालय के पूर्व प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं संकुल समन्वयकों ने भी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
The YUVA WORLD News चिंताराम पटेल के उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन की कामना करता है।






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