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भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा जल जीवन मिशन: ₹118 लाख की पानी टंकी बनी ‘सफेद हाथी’, बूंद-बूंद को तरस रहे कपिस्दा के ग्रामीण*

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*भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा जल जीवन मिशन: ₹118 लाख की पानी टंकी बनी ‘सफेद हाथी’, बूंद-बूंद को तरस रहे कपिस्दा के ग्रामीण*

 

*जांजगीर-चांपा/बम्हनीडीह।*

केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ योजना जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पंचायत कपिस्दा में पूरी तरह फेल साबित हो रही है। गांव की प्यास बुझाने के नाम पर करीब ₹118.15 लाख की लागत से बनाई गई विशालकाय पानी टंकी आज केवल एक ‘शोपीस’ बनकर खड़ी है। विडंबना यह है कि कागजों में योजना को पूर्ण दिखाकर सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये ठिकाने लगा दिए गए, लेकिन धरातल पर ग्रामीणों के नसीब में आज भी सिर्फ इंतजार और प्यास ही है।

 

*नल लगे पर पानी गायब, ग्रामीण परेशान*

सूचना पटल के अनुसार, वर्ष 2021 में ‘एकल ग्राम नल जल योजना’ के तहत 130 किलोलीटर क्षमता और 12 मीटर ऊंचाई की टंकी का निर्माण किया गया था। गांव के गली-मोहल्लों और घरों में पाइपलाइन बिछाकर नल के कनेक्शन भी जोड़ दिए गए, लेकिन इनमें आज तक पानी की एक बूंद नहीं टपकी। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार और संबंधित विभाग के अधिकारियों ने केवल खानापूर्ति की है। कई घरों में तो नल के स्टैंड ही उखड़ रहे हैं, पर सप्लाई लाइन का अता-पता नहीं है।

 

*भीषण गर्मी में हाहाकार, हैंडपंपों पर निर्भरता*

नौतपा से पहले ही पारा चढ़ने लगा है और गांव में पानी के लिए हाहाकार मच गया है। जब टंकी में पानी ही नहीं भरा जा रहा, तो सप्लाई कैसे होगी? हालात इतने बदतर हैं कि ग्रामीण चिलचिलाती धूप में दूर-दराज के हैंडपंपों पर निर्भर हैं, जहां सुबह से शाम तक लंबी कतारें लगी रहती हैं। महिलाओं का कहना है कि घर के कामकाज छोड़कर उन्हें दिन भर पानी का जुगाड़ करना पड़ता है, जबकि गांव के बीचों-बीच करोड़ों की टंकी खड़ी है।

 

*भ्रष्टाचार की बू, जांच की मांग*

इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद भी योजना का लाभ शून्य रहना सीधे तौर पर लापरवाही और बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस पूरे प्रोजेक्ट की उच्चस्तरीय जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि बिना पानी सप्लाई सुनिश्चित किए कागजों पर काम कैसे पूरा दिखा दिया गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलापूर्ति शुरू नहीं हुई, तो वे कलेक्ट्रेट का घेराव करने को मजबूर होंगे।

 

*सवालों के घेरे में जिम्मेदार अधिकारी*

करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी जनता प्यासी क्यों है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर जाकर सत्यापन किया था? कपिस्दा की यह अधूरी योजना “हर घर जल” के सरकारी दावों की जमीनी हकीकत बयां कर रही है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस ‘सफेद हाथी’ बन चुकी टंकी को कब सक्रिय करता है या फिर ग्रामीणों की प्यास फाइलों के नीचे दबी रह जाएगी।

दीपक कुमार

दीपक कुमार : जिला प्रतिनिधि ( जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़ ) The YUVA WORLD News पता: परमानंद, वार्ड न १, स्कूल पारा, लखुरी, लखाली, जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़ - 495660 समाचार या जानकारी देने के लिए संपर्क करें : 9622354741

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