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सरकंडा थाने में पदस्थ आरक्षक सत्य कुमार पाटले की मौत की जांच एसडीएम की कमेटी करेगी टीम में चार स्पेशलिस्ट डॉक्टर भी शामिल अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

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बिलासपुर 7 मई 2026। में सरकंडा थाने में पदस्थ आरक्षक सत्य कुमार पाटले की इलाज के दौरान हुई मौत के मामले में जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। घटना के बाद परिजनों द्वारा अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर पूरे मामले की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है।

जानकारी के अनुसार आरक्षक सत्य कुमार पाटले को किडनी में स्टोन की शिकायत थी। इलाज के लिए उन्हें शहर के श्री राम केयर हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक डॉक्टरों ने उनका ऑपरेशन किया, लेकिन ऑपरेशन के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। आरोप है कि स्थिति गंभीर होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई।

मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि कई बार सूचना देने और डॉक्टरों को बुलाने के बावजूद घंटों तक कोई चिकित्सक मरीज को देखने नहीं पहुंचा। उनका कहना है कि यदि समय रहते इलाज और निगरानी मिल जाती तो आरक्षक की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद परिवार और परिचितों में भारी आक्रोश है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल जांच समिति गठित की है। एसडीएम की अध्यक्षता में बनाई गई इस समिति में Chhattisgarh Institute of Medical Sciences (सिम्स) के चार विशेषज्ञ डॉक्टरों को शामिल किया गया है। समिति में पैथोलॉजी, सर्जरी, मेडिसिन और एनेस्थीसिया विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल रहेंगे। इन डॉक्टरों को इलाज की पूरी प्रक्रिया, ऑपरेशन के दौरान अपनाई गई चिकित्सकीय व्यवस्था और मरीज की मौत के कारणों की विस्तृत जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रशासन ने जांच समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाएगा कि इलाज के दौरान किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही हुई या नहीं। यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

इस घटना के बाद निजी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंभीर मरीजों के मामलों में अस्पतालों को अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार रवैया अपनाने की आवश्यकता है।आरक्षक की मौत से पुलिस विभाग में भी शोक का माहौल है। साथी पुलिसकर्मियों ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रज्जब खान ( संवाददाता बिलासपुर )

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