बिलासपुर में ‘जागरूक नारी’ कार्यक्रम संपन्न: मासिक धर्म जागरूकता पर खुलकर हुई चर्चा
बिलासपुर। आर्यन फिल्म के तत्वावधान में “चेतना” (अतुलनीय बिलासपुर, सुरक्षित बिलासपुर) अभियान के अंतर्गत ‘जागरूक नारी’ मासिक धर्म जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन प्रार्थना भवन में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में माहवारी को लेकर व्याप्त झिझक और भ्रांतियों को दूर कर सकारात्मक सोच विकसित करना था।
इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में रेपिडो, टर्सेल, जीवधर्णी संस्था, NSS, आधारशीला मंदिर स्कूल, यूनिसेफ एवं भारत स्काउट गाइड के बच्चों का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कलेक्टर संजय अग्रवाल (IAS), विशिष्ट अतिथि के रूप में डीआईजी-एसएसपी रजनेश सिंह (IPS), जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल (IAS), नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्व (IAS) एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी शुभा गरेवाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एल.सी. मढ़रिया ने की।
‘बुके नहीं, बुक दें’ पहल की सराहना
कलेक्टर संजय अग्रवाल द्वारा शुरू की गई ‘बुके नहीं, बुक दें’ पहल को कार्यक्रम में विशेष महत्व दिया गया। इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद विद्यार्थियों तक किताबें और कॉपियां पहुंचाना है। इसी क्रम में आर्यन फिल्म के डायरेक्टर रामानंद तिवारी एवं उनकी टीम ने सभी अतिथियों को सम्मान स्वरूप भगवद गीता भेंट की।
माहवारी कोई शर्म नहीं, स्वाभाविक प्रक्रिया है
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि मासिक धर्म महिलाओं के जीवन की एक स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है, जिसे लेकर किसी प्रकार की शर्म या संकोच नहीं होना चाहिए। महिलाओं और किशोरियों को माहवारी के दौरान स्वच्छता और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई।
- हर 4 से 6 घंटे में सेनेटरी पैड बदलें।
- व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- पौष्टिक भोजन का सेवन करें।
- अत्यधिक दर्द या परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
भाइयों और परिवार की भी अहम जिम्मेदारी
डीआईजी-एसएसपी रजनेश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि जिस शब्द में ‘धर्म’ जुड़ा हो, वह अपवित्र नहीं हो सकता। उन्होंने समाज से अपील की कि मासिक धर्म के दौरान बहनों और माताओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखें तथा उनके कार्यों में सहयोग कर उन्हें आराम दें।
नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्व ने कहा कि आर्यन फिल्म द्वारा माहवारी जागरूकता पर निर्मित फिल्म ‘साइलेंट’ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।
महिलाओं के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों का विशेष पैनल
कार्यक्रम में डॉ. एल.सी. मढ़रिया के नेतृत्व में शहर की 10 स्त्री रोग विशेषज्ञों का विशेष पैनल तैयार किया गया। इस पहल के माध्यम से महिलाओं और किशोरियों को बिना किसी झिझक के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर विशेषज्ञ सलाह लेने का अवसर मिला।
‘जागरूक नारी’ कार्यक्रम ने समाज में मासिक धर्म को लेकर जागरूकता बढ़ाने, महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने और रूढ़िवादी सोच को बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश दिया।








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