मानव तस्करी एवं बंधुआ मजदूरी की रोकथाम, कानूनी सहायता एवं पुनर्वास पर बिलासपुर में एक दिवसीय परिचर्चा आयोजित
बिलासपुर, 18 जून 2026. शिखर युवा मंच, बिलासपुर द्वारा दीप रॉयल होटल, मंगला चौक में “मानव तस्करी एवं बंधुआ मजदूरी के मुद्दे पर एक दिवसीय चर्चा-परिचर्चा : कानूनी सहायता एवं पुनर्वास” विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मानव तस्करी एवं बंधुआ मजदूरी जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं की रोकथाम, पीड़ितों को कानूनी सहायता एवं पुनर्वास से जोड़ना तथा शासन, प्रशासन और नागरिक समाज संगठनों के बीच समन्वय को मजबूत करना था।
पीड़ितों को मिलती है निःशुल्क कानूनी सहायता : अनिल कुमार चौहान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) बिलासपुर के सचिव अनिल कुमार चौहान उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी के शिकार व्यक्तियों को संविधान एवं कानून के तहत अनेक अधिकार प्राप्त हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ऐसे पीड़ितों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराता है।
उन्होंने लोगों से अपने आसपास उपलब्ध रोजगार के अवसरों की जानकारी रखने तथा अन्य राज्यों में रोजगार के लिए जाने से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करने की अपील की, जिससे बंधुआ मजदूरी जैसी परिस्थितियों से बचा जा सके।
संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत दें सूचना : डीएसपी डी.आर. टंडन
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित डीएसपी डी.आर. टंडन ने कहा कि मानव तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक चिंता का भी विषय है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, बाल श्रम या जबरन मजदूरी की जानकारी तत्काल पुलिस और प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
श्रमिकों के अधिकार और पुनर्वास योजनाओं की दी जानकारी
श्रम विभाग का प्रतिनिधित्व करते हुए लेबर इंस्पेक्टर विमल कुमार मिश्रा ने बंधुआ मजदूरी उन्मूलन अधिनियम, श्रमिकों के अधिकारों और शासन द्वारा संचालित पुनर्वास योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बंधुआ मजदूरी से मुक्त हुए श्रमिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़कर उनके जीवन को सम्मानजनक बनाने का प्रयास किया जाता है।
सामूहिक भागीदारी से ही संभव है रोकथाम : भूपेश वैष्णव
शिखर युवा मंच के डायरेक्टर भूपेश वैष्णव ने कहा कि मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी की रोकथाम केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज, पंचायतों, युवाओं और स्वयंसेवी संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने जागरूकता अभियान चलाने और सामुदायिक सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
गांव स्तर पर निगरानी और जागरूकता बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम का संचालन शिखर युवा मंच के सचिव धनंजय अनुपान ने किया। परिचर्चा के दौरान मानव तस्करी की पहचान एवं रोकथाम, बंधुआ मजदूरी उन्मूलन, पीड़ितों को कानूनी सहायता, पुनर्वास और सरकारी योजनाओं तक पहुंच जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस दौरान पंचायत स्तर पर पलायन पंजी का नियमित संधारण, गांवों में जागरूकता अभियान, बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा, सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग तथा ग्राम स्तर पर विजिलेंस कमेटियों को सक्रिय करने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव भी सामने आए।
35 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया भाग
कार्यक्रम में 35 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, लॉ स्टूडेंट्स, बंधुआ मजदूरी से मुक्त हुए सर्वाइवर, सामाजिक कार्यकर्ता और शिखर युवा मंच के सदस्य शामिल रहे। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों और सतत जागरूकता के माध्यम से ही मानव तस्करी एवं बंधुआ मजदूरी जैसी कुप्रथाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने मानव तस्करी एवं बंधुआ मजदूरी मुक्त समाज के निर्माण, पीड़ितों को न्याय दिलाने तथा उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
The YUVA WORLD News








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