अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर यह मरीज के मौत का अड्डा बन चुका है 30 अगस्त 2024 को मेरी नानी मां को मौत के घाट उतार दिया गया जो 22 जुलाई 2024 को अपने पेसमेकर की पट्टी खुलवाने के लिए गई थी, अस्पताल में डॉक्टर ने मिलकर एसईसीएल का बिल बनाने के लिए पहले मरीज को गलत दवाई देकर उसकी हालत को गंभीर कर दिया और फिर हमें 10 दिन की मौहलत मांगते हुए कहा कि हम सब कुछ ठीक कर देंगे 10 10 दिन का शेड्यूल बता कर उन्हें 40 दिन तक एडमिट किया रखा और इसी पश्चात 26 अगस्त नानी की मृत्यु हो गई थी लेकिन फिर भी डॉक्टरों ने हमसे यह बात छुपा कर हमें यह कहा कि अभी वेंटिलेटर लगाना पड़ेगा अभी मेरीज की सांसे चल रही है अतः वह जीवित है और ऐसा करते-करते चार दिनों बाद जब पूरे पैसे मिलने के पश्चात हमें बॉडी को घर ले जाने के लिए कहा गया इस पूरे समय में हमने उन्हें 14.50 लख रुपए का भुगतान किया मैं आप सभी लोगों से हाथ जोड़कर विनती करती हूं कि इस मौत के अड्डे वाले अस्पताल में कभी भी ना जाए तथा अतः अपने आसपास होने वाले ऐसे सभी दर्दनाक घटनाओं से बचे और लोगों को बचाएं और इन डॉक्टर को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए तथा इनका लाइसेंस बंद करवा देना चाहिए गब्बर इस बैक मूवी में सही बताया गया है कि कैसे मरे हुए मरीज को वेंटिलेटर में रख पेज ऑन की मोटी कमाई करते हैं।


मोहम्मद रज्जब बिलासपुर 9755114786






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