The YWN News

The YWN News

महाकुंभ मेला 2025: श्रद्धा और आस्था का महासंगम, लाखों श्रद्धालुओं ने किया पवित्र स्नान

Views: 1007
Spread the love
Read Time:3 Minute, 59 Second

महाकुंभ मेला 2025: श्रद्धा और आस्था का महासंगम, लाखों श्रद्धालुओं ने किया पवित्र स्नान

 

प्रयागराज, 22 फरवरी 2025: प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम तट पर चल रहे महाकुंभ मेला 2025 में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। आस्था, आध्यात्मिकता और धार्मिक परंपराओं के महासंगम में देश-विदेश से लाखों भक्त शामिल हो रहे हैं।

 

पवित्र स्नान और शाही जुलूस का आयोजन

आज बसंत पंचमी के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने तड़के ही गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। विभिन्न अखाड़ों के साधु-संतों ने अपने पारंपरिक अंदाज में शाही स्नान किया। नागा साधुओं की पेशवाई विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें वे अपने पारंपरिक अस्त्र-शस्त्रों और दिव्य वेशभूषा में संगम तट की ओर बढ़े।

सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

 

प्रशासन ने भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 50,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी, 500 सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और वॉच टावरों की व्यवस्था की है। इसके अलावा, मेडिकल कैंप और खोया-पाया केंद्र भी स्थापित किए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी आपात स्थिति में सहायता मिल सके।

 

धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

 

मेले में भागवत कथा, रामचरितमानस पाठ, योग शिविर, भजन संध्या जैसी धार्मिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसके अलावा, प्रयागराज के ऐतिहासिक पंडालों में प्रसिद्ध संतों के प्रवचन हो रहे हैं, जिनमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।

 

प्रशासन की अपील और विशेष सुविधाएं

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बार महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं दी हैं:

✅ फ्री बस सेवा और बैटरी रिक्शा: मुख्य घाटों तक पहुंचने के लिए।

✅ विशेष टेंट सिटी: रहने के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस अस्थायी आवास।

✅ स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम: भीड़ को सुगमता से नियंत्रित करने के लिए।

श्रद्धालुओं की आस्था का महासमागम

महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं का कहना है कि यह सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और मोक्ष प्राप्ति का पावन अवसर है। देश-विदेश से आए श्रद्धालु अपने अनुभव साझा कर रहे हैं और मानते हैं कि यह एक अनोखा आध्यात्मिक अनुभव है।

 

आगामी महत्वपूर्ण स्नान तिथियां

➡ बसंत पंचमी (22 फरवरी 2025) – ज्ञान और विद्या की देवी सरस्वती की आराधना।

➡ महाशिवरात्रि (26 फरवरी 2025) – कुम्भ का समापन पर्व।

 

महाकुंभ 2025 अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। गंगा मैया की जयकारों से गूंजते संगम तट पर आस्था का यह महापर्व अनंत काल तक भक्तों के हृदय में जीवंत रहेगा।

रिपोर्ट: The YWN News

 

मनमोहन पात्रे संपादक The YWN News

2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत, दैनिक अखबार, सेटेलाइट न्यूज़ चैनल, राष्ट्रीय मासिक पत्रिका में कार्य करने का अनुभव B. Sc. Mathematics व पत्रकारिता में BJMC कि डिग्री। Journalist Manmohan Patre Chhattisgarh

You may have missed