
प्राचार्य डॉ बसंत कुमार तिवारी ने विद्यालय परिवार को सम्बोधित करते हुए कहा कि ईद हमें यह शिक्षा देती है कि हम धर्म, जाति और भाषा की दीवारों को तोड़कर आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूत करें यह पर्व हमें गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने और समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है। हमें ईद के पवित्र संदेश को अपने जीवन में अपनाना चाहिए और आपसी प्रेम तथा सौहार्द को बढ़ावा देना चाहिए। विद्यालय की निदेशिका श्रीमति पूनम सिंह ने बच्चों एवम् अभिभावकों को इस विशेष अवसर पर शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि आज के दिन बच्चों ने आपसी सौहार्द और भाईचारा के प्रति समर्पित त्योहार ईद के विषय में जाना है तथा इसके साथ रमजान के महीने की पवित्रता के साथ बच्चों ने देश की संस्कृति, परंपरा और पर्व की विशेषताओं को भी जाना है। हमारे देश की संस्कृति गौरवशाली है और अनेकता में एकता का प्रदर्शन करते हुए सभी धर्म के लोग एक दूसरे की परंपराओं का समान सम्मान करते हैं ,आपसी भाईचारा और सांप्रदायिक सहभागिता की मिसाल के रूप में ईद की अलग पहचान है, ईद न केवल एक धार्मिक त्योहार है अपितु यह एक भावनात्मक तथा मानवीय मूल्यों का संदेश भी है।
ईद का दिन वह बहुमूल्य समय है जब हम नफरत और भेदभाव को भूलकर एक दूसरे को गले लगाते हैं रमजान के पूरे महीने के रोजे रखने के बाद जब ईद आती है तो यह त्याग, धैर्य और अपने संयम का इनाम होती है,यह हमें सिखाती है कि हर कठिनाई के बाद खुशी आती है और हर अंधेरे के बाद उजाला होता है यह संदेश केवल धर्म तक सीमित नहीं है बल्कि हमारे जीवन के हर पहलू पर लागू होता है इस विशेष दिन पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम प्रेम और सौहार्द का संदेश फैलाएंगे तथा अपने समाज में सकारात्मकता और एकता को बढ़ावा देंगे।
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