दस्तावेजों में कूटरचना, दारासिंह राजपूत पर 420, 467 के तहत FIR दर्ज..
इस मामले में थाना सिविल लाइन, बिलासपुर में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 467 (दस्तावेजों की जालसाजी) के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
पूर्व अध्यक्ष पुहकल सिंह ठाकुर ने बताया कि उन्होंने 11 अप्रैल 2012 को बक्सर राजपूत क्षत्रिय समाज समिति का पंजीयन क्रमांक 3738/12 रायपुर के पंजीयक फर्म एवं सोसायटी कार्यालय से कराया था। उस समय की समिति में वे स्वयं अध्यक्ष, रोहन सिंह महासचिव और सुभाष सिंह कोषाध्यक्ष थे, जिनके हस्ताक्षर मूल दस्तावेजों में मौजूद हैं।
वर्ष 2020 में हुए चुनाव के बाद दारासिंह राजपूत अध्यक्ष चुने गए। लेकिन आरोप है कि उन्होंने पुराने दस्तावेजों में कूटरचना कर अपने हस्ताक्षर जोड़कर ऐसा दर्शाया मानो वही समिति के मूल पंजीयक हों। यह जानकारी पुहकल सिंह को RTI के तहत 13 जून 2024 को मिली।
बैंक खाता भी फर्जी दस्तावेजों से खुलवाया ?
सबसे गंभीर आरोप यह है कि वर्ष 2021 में दारासिंह राजपूत ने IDBI बैंक, उसलापुर शाखा में समिति के नाम से नया बैंक खाता खोला, जिसमें कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग किया गया। 2023-24 की ऑडिट रिपोर्ट में आंशिक खाता नंबर 2493 भी दर्शाया गया है।
प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए गए
थाना सिविल लाइन पुलिस ने पुहकल सिंह के आवेदन और प्राप्त दस्तावेजों की जांच के आधार पर दारासिंह राजपूत निवासी उसलापुर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आगे की विवेचना जारी है।
आरोपी पर क्या लगे हैं धाराएं?
- धारा 420 – धोखाधड़ी
- धारा 467 – मूल्यवान दस्तावेजों की जालसाजी
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📍स्थान: थाना सिविल लाइन, बिलासपुर (छ.ग.)
🗓️ रिपोर्ट तिथि: 13 जून 2024
👤 शिकायतकर्ता: पुहकल सिंह ठाकुर, नेहरू नगर, बिलासपुर
👤 आरोपी: दारासिंह राजपूत, उसलापुर
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