सपनों को मिली उड़ान, एनु बनीं “स्कूटी दीदी”
धमतरी, 17 जुलाई 2025। सपनों को उड़ान देने के लिए पंख नहीं, साहस और संकल्प की जरूरत होती है। इसी बात को सत्य साबित किया है धमतरी जिले के कुरूद विकासखण्ड स्थित ग्राम उमरदा की एक साधारण लेकिन जुझारू महिला एनु ने, जो आज “स्कूटी दीदी” के नाम से जानी जाती हैं।
संसाधनों की कमी, सामाजिक दबाव और सीमित अवसरों के बावजूद एनु ने न केवल आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को भी सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई।
शुरुआती संघर्ष और शिक्षा
एनु का जन्म एक सामान्य ग्रामीण परिवार में हुआ, जहाँ आर्थिक स्थिति सशक्त नहीं थी। परिवार में आय के सीमित स्रोत थे और लड़कियों की शिक्षा को लेकर संकीर्ण सोच थी। लेकिन एनु की सोच इससे बिल्कुल अलग थी। उन्होंने अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर (एम.ए.) तक शिक्षा प्राप्त की और यह उपलब्धि उनके संघर्ष का प्रतीक बनी।
कौशल और रोजगार की ओर कदम
एनु ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान से जुड़कर सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लिया और 1 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया, जिसमें 18 हजार रुपये की सब्सिडी भी मिली। उन्होंने समय पर ऋण चुकता भी कर दिया।
“स्कूटी दीदी” बनने की शुरुआत
एनु ने प्रथम संस्था से स्कूटी चलाने का प्रशिक्षण लिया। शुरुआत में समाज से ताने और आलोचना मिली — “लड़की होकर गाड़ी चलाएगी?” — लेकिन एनु ने हार नहीं मानी और अभ्यास से दक्षता हासिल की।
ड्राइविंग स्कूल की स्थापना
2023 में उन्होंने अपने सीमित संसाधनों से “महिला दोपहिया प्रशिक्षण केंद्र” की शुरुआत की। शुरुआत में सिर्फ 2-3 महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया, लेकिन अब तक 30 से अधिक महिलाओं को दोपहिया वाहन चलाने का प्रशिक्षण दे चुकी हैं।
इन महिलाओं में से कई अब स्वतंत्र रूप से स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र या बैंक जैसी जगहों पर कार्य करने जा रही हैं। एनु की यह पहल गांवों में सोच बदलने में भी सफल रही है।
सम्मान और भविष्य की योजनाएं
एनु को जिला प्रशासन और अन्य संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया है। हाल ही में उन्हें महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र भी प्राप्त हुआ।
अब उनका सपना है कि वे 1000 महिलाओं को ड्राइविंग सिखाएं और चारपहिया वाहन प्रशिक्षण केंद्र भी शुरू करें।
विविध दक्षताएं और सराहना
एनु सिलाई, ड्रायविंग, घरेलू कामकाज के अलावा मनरेगा, एलईडी लाइट असेंबली जैसे कार्यों में भी दक्ष हैं। हाल ही में भारत सरकार की ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त सचिव श्रीमती स्वाति शर्मा और कलेक्टर श्री अभिनाश मिश्रा ने एनु से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया।
“स्कूटी दीदी” एनु की कहानी यह सिद्ध करती है कि आत्मबल और संकल्प हो तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।








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