छत्तीसगढ़ के तहसीलदारों का चरणबद्ध आंदोलन शुरू: “संसाधन नहीं तो काम नहीं” के नारे के साथ 17 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन
रायपुर, 27 जुलाई 2025: छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ (पंजी. क्रमांक 302/दिनांक 13-02-2003) के बैनर तले प्रदेश के समस्त तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार चरणबद्ध आंदोलन की राह पर हैं। “संसाधन नहीं तो काम नहीं” के नारे के साथ वे अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
यह आंदोलन शासन द्वारा लंबे समय से लंबित समस्याओं—जैसे कार्यक्षमता से जुड़ी बाधाएं, संसाधनों की भारी कमी, पदोन्नति और संरचनात्मक सुधार की अनदेखी—के विरोध में किया जा रहा है।
🗓️ प्रदर्शन की चरणबद्ध रूपरेखा:
- 28 जुलाई 2025: जिला स्तर पर धरना प्रदर्शन
- 29 जुलाई 2025: संभाग स्तर पर धरना प्रदर्शन
- 30 जुलाई 2025: प्रांत स्तर पर धरना प्रदर्शन
संघ का कहना है कि पूर्व में भी शासन को इन मुद्दों पर कई बार अवगत कराया गया, लेकिन ठोस कार्यवाही के अभाव में अब प्रदेशभर के राजस्व अधिकारियों को आंदोलन करना पड़ रहा है।
✊ प्रमुख मांगें:
- डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नति का अनुपात पूर्व की भांति 50:50 किया जाए।
- नायब तहसीलदार के पद को राजपत्रित घोषित किया जाए।
- प्रत्येक तहसील में स्थायी स्टाफ, शासकीय वाहन, ड्राइवर व ईंधन की व्यवस्था हो।
- न्यायिक कार्यों में न्यायिक अधिकारी संरक्षण अधिनियम का पूर्णतः पालन किया जाए।
- सुरक्षा एवं अन्य सभी 17 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र पहल हो।
संघ की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह आंदोलन केवल स्वहित के लिए नहीं, बल्कि पूरी राजस्व प्रणाली को सशक्त और संसाधनयुक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।
संघ को विश्वास है कि शासन इस आंदोलन को गंभीरता से लेकर सकारात्मक निर्णय लेगा, जिससे आंदोलन की तीव्रता बढ़ाने या अनिश्चितकालीन रूप देने की नौबत न आए।
प्रेषक:
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ
(प्रदेश कार्यकारिणी)







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