राहुल गांधी से त्रिलोक श्रीवास की अहम बैठक, सेन समाज को मिलेगा संगठन और टिकट में स्थान
नई दिल्ली/बिलासपुर: कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक श्री त्रिलोक श्रीवास ने 10 जनपथ, नई दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी से लंबी मंत्रणा की।
बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिंद के नेतृत्व में देशभर से आए सेन–सैनी समाज के डेढ़ दर्जन प्रतिनिधियों ने भाग लिया। श्री राहुल गांधी ने सभी प्रतिनिधियों से करीब डेढ़ घंटे तक चर्चा की।
इस महत्वपूर्ण बैठक में त्रिलोक श्रीवास ने छत्तीसगढ़ समेत देशभर में अति पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत आने वाले कामगार जातियों – जैसे नाई, धोबी, कोष्टा, जुलाहा, लोहार, बढ़ई, चौरसिया, दर्जी, कलार, केवट, मल्लाह, निषाद, धीवर, मरार, रावत, कहार आदि – को संगठन और टिकट में उपेक्षित ना करने की पुरजोर मांग रखी।
श्री श्रीवास ने सुझाव दिया कि प्रत्येक राज्य में सेन समाज को विधानसभा के दो टिकट और लोकसभा का एक टिकट दिया जाए। इसके साथ ही संगठन में भी उन्हें महत्वपूर्ण स्थान मिले।
राहुल गांधी ने इन सभी सुझावों को सहर्ष स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि पार्टी अति पिछड़ा वर्ग और सेन समाज को उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले चुनावों और संगठनात्मक नियुक्तियों में इसका स्पष्ट असर देखने को मिलेगा।
इस दौरान त्रिलोक श्रीवास ने कहा कि वे लगातार पार्टी के प्रचार में सक्रिय रहते हैं और समाज का समर्थन कांग्रेस के साथ बनाए रखने का कार्य करते हैं, परंतु लंबे समय से टिकट से वंचित रहे हैं।
बैठक में डॉ. योगेंद्र योगी, डॉ. महेंद्र गहलोत, राजेंद्र सेन, सी. के. ठाकुर, कुणाल कुमार, धर्मराज, विनोद सेन (म.प्र.), अंकित ठाकुर, दीपक कुमार, दीपक खारिया सहित अनेक प्रमुख समाज प्रतिनिधि मौजूद रहे।
रिपोर्ट: The YWN News | ब्यूरो रिपोर्ट







Average Rating
More Stories
Bilaspur : बेलतरा की बदहाल सड़कों पर अंकित गौरहा का सवाल—कैबिनेट ने डामर पर दी राहत, नगर निगम की सड़कों का समाधान कब?
बिलासपुर: रसूखदार कबाड़ कारोबारी मारपीट मामले में गिरफ्तार, दूसरा आरोपी फरार!
बिलासपुर: गनियारी में स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण जारी रहने का आरोप, शासकीय भूमि के मामले में कलेक्टर से शिकायत..अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर