🚆 ट्रेन मैनेजरों की दो दशक पुरानी मांगें अब भी अधूरी, AIGC ने रेल मंत्रालय से त्वरित कार्रवाई की मांग की
बिलासपुर। भारतीय रेलवे के ट्रेन मैनेजरों (गार्ड्स) की वर्षों से लंबित समस्याएं अब गंभीर चिंता का विषय बन चुकी हैं। ऑल इंडिया गार्ड्स काउंसिल (AIGC) ने रेल प्रशासन और मंत्रालय से एक बार फिर शीघ्र एवं न्यायसंगत समाधान की मांग की है। काउंसिल का कहना है कि कई शिकायतें और मांगें लगभग दो दशकों से अनसुलझी हैं। लगातार पत्राचार के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित हो रहा है।
बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में AIGC महामंत्री डी. विश्वास, जोनल प्रेसिडेंट संतोष मिश्रा, मंडल सचिव अशोक दीक्षित, मीडिया प्रभारी रजनी पटेल, शाखा सचिव डी.एन. रवि और एस.के. मांझी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
🔹 रेलवे ट्रेन मैनेजरों की 9 प्रमुख मांगें
- 8वें वेतन आयोग का क्रियान्वयन: वित्त मंत्रालय द्वारा 3 नवंबर 2025 को जारी अधिसूचना के तहत आयोग के सुचारू संचालन हेतु पर्याप्त स्टाफ और संसाधन तुरंत उपलब्ध कराए जाएं।
- “असिस्टेंट गार्ड” पद को रिकॉर्ड से हटाया जाए: यह पद 2012 में अप्रासंगिक घोषित किया गया था, फिर भी अब तक रिकॉर्ड में मौजूद है।
- ट्रेन मैनेजरों के वेतन स्तर में समानता: पिछले 20 वर्षों से लंबित वेतन संशोधन को लागू किया जाए।
- MACP लाभ बहाल करें: अदालत द्वारा आदेश अमान्य पाए जाने के बावजूद ट्रेन मैनेजरों को वित्तीय उन्नयन का लाभ नहीं दिया जा रहा।
- रनिंग अलाउंस में 25% वृद्धि: 7वें वेतन आयोग के अनुसार DA के 50% पर यह वृद्धि स्वचालित रूप से लागू होनी चाहिए।
- 24 जनवरी 2025 के JPO को निरस्त करें: सुरक्षा निदेशालय की स्वीकृति के बिना जारी यह आदेश कर्मचारियों में असंतोष पैदा कर रहा है।
- 28% रिक्त पदों की भरती: रिक्तियों के कारण कार्यभार और मानसिक तनाव दोनों बढ़े हैं।
- पेंशन नियमों में संशोधन: D.S. नकरा बनाम भारत संघ (1983) फैसले के अनुरूप पेंशन में समानता सुनिश्चित की जाए।
- रनिंग अलाउंस पर आयकर छूट सीमा ₹50,000 तक बढ़ाई जाए: मौजूदा ₹10,000 की सीमा अब अप्रासंगिक हो चुकी है।
💬 “समय पर कार्रवाई से बढ़ेगा मनोबल और प्रशासन पर भरोसा”
AIGC ने कहा कि यदि रेल मंत्रालय इन लंबे समय से लंबित मुद्दों पर शीघ्र निर्णय लेता है, तो यह न केवल कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाएगा बल्कि रेल संचालन की दक्षता और प्रशासन पर विश्वास भी मजबूत करेगा।
काउंसिल ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने इन मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो आने वाले दिनों में रेलवे कर्मचारियों में असंतोष और आंदोलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
📍 रिपोर्ट: The YUVA WORLD News








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