डिजिटल अरेस्ट ठगी सिंडिकेट्स पर सरकार का शिकंजा, बुजुर्गों की जमा-पूंजी की सुरक्षा पर जोर
नई दिल्ली | 14 जनवरी, 2026 – बुजुर्ग नागरिकों की जीवनभर की कमाई को निशाना बनाने वाले परिष्कृत ‘डिजिटल अरेस्ट’ ठगी नेटवर्क पर भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। लोकसभा में प्रस्तुत एक विस्तृत उत्तर में सरकार ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के संगठित साइबर अपराधों को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस एवं बहुस्तरीय कार्रवाई की जा रही है।
ग्रेटर कैलाश में बुजुर्ग दंपत्ति से ₹14.85 करोड़ की ठगी
यह सरकारी प्रतिक्रिया दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश क्षेत्र में सामने आए एक सनसनीखेज मामले के बाद आई है, जहाँ एक बुजुर्ग डॉक्टर दंपत्ति को स्वयं को TRAI एवं जांच एजेंसियों का अधिकारी बताने वाले साइबर ठगों ने दो सप्ताह से अधिक समय तक तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा और ₹14.85 करोड़ की राशि की ठगी की।
सरकार ने बताया कि ऐसे गिरोह पीड़ितों को मानसिक रूप से अलग-थलग कर RTGS के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में फैले म्यूल अकाउंट्स में धन स्थानांतरित कर देते हैं।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल की पहल, ‘मनी लॉक’ फीचर की वकालत
बुजुर्गों की वित्तीय सुरक्षा को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सदन में महत्वपूर्ण हस्तक्षेप किया। उन्होंने बैंकिंग प्रणाली में संरचनात्मक सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए सिंगापुर के ‘Money Lock’ फीचर को भारत में लागू करने की वकालत की।
उन्होंने कहा कि इस फीचर के माध्यम से खाताधारक अपनी जमा राशि के एक हिस्से को डिजिटल ट्रांजैक्शन से लॉक कर सकता है, जिसे केवल भौतिक सत्यापन के बाद ही अनलॉक किया जा सके। सांसद अग्रवाल ने संकेत दिया कि वे इस विषय पर केंद्रीय वित्त मंत्री एवं आरबीआई गवर्नर से प्रत्यक्ष चर्चा करेंगे।
₹3,000 करोड़ की देशव्यापी ठगी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
सरकार के जवाब में सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में लिए गए स्वतः संज्ञान का भी उल्लेख किया गया। जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने ₹3,000 करोड़ के अनुमानित नुकसान को “चौंकाने वाला” बताते हुए स्पष्ट किया कि ऐसे अपराधियों से “लोहे के हाथों” से निपटा जाएगा।
शीर्ष अदालत ने फर्जी न्यायिक आदेशों के जरिए नागरिकों को डराने की प्रवृत्ति को देश की कानूनी व्यवस्था पर सीधा हमला बताया।
गृह मंत्रालय की अपील – Stop, Think, Act
गृह मंत्रालय ने नागरिकों से “रुकें, सोचें, कार्य करें” (Stop, Think, Act) प्रोटोकॉल अपनाने की अपील की है। सरकार के अनुसार I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) अब तक 60,000 से अधिक फर्जी आईडी ब्लॉक कर चुका है।
किसी भी संदिग्ध कॉल या डिजिटल गतिविधि की सूचना तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर देने का आग्रह किया गया है।
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