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CIMS बिलासपुर में 5 वर्षीय बच्चे के जन्मजात घुटने की कटोरी के डिस्लोकेशन का पहली बार सफल ऑपरेशन

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सिम्स में 5 वर्षीय बच्चे के जन्मजात घुटने की कटोरी के डिस्लोकेशन का पहली बार सफल ऑपरेशन

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (SIMS) बिलासपुर के आर्थोपेडिक विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। सिम्स में पहली बार 5 वर्षीय बच्चे के जन्मजात घुटने की कटोरी (Habitual Patella Dislocation) का सफल ऑपरेशन कर उसे नया जीवन दिया गया है।

चिकित्सकों के अनुसार यह बीमारी अत्यंत दुर्लभ है, जो सामान्यतः एक लाख की आबादी में केवल 5 से 6 बच्चों में पाई जाती है।

चलते ही खिसक जाती थी घुटने की कटोरी

जानकारी के अनुसार लोरमी निवासी 5 वर्षीय बालक गुलशन साहू को दिनांक 27 दिसंबर 2025 को उसके चाचा द्वारा सिम्स के आर्थोपेडिक ओपीडी में लाया गया। परिजनों ने बताया कि जैसे ही बच्चा चलने लगता था, उसके घुटने की कटोरी बार-बार अपने स्थान से खिसक जाती थी, जिससे उसे चलने-फिरने में गंभीर परेशानी हो रही थी।

जांच में हुआ दुर्लभ बीमारी का खुलासा

आर्थोपेडिक विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संजय घिल्ले द्वारा बच्चे की गहन जांच की गई। एक्स-रे एवं एमआरआई जांच के बाद यह पुष्टि हुई कि बच्चा हैबिचुअल पटेला डिस्लोकेशन से पीड़ित है।

डॉ. घिल्ले ने बताया कि इस बीमारी में घुटने की कटोरी को नियंत्रित करने वाली मांसपेशियां एक ओर से अत्यधिक टाइट तथा दूसरी ओर से ढीली होती हैं, जिससे कटोरी अपनी जगह पर स्थिर नहीं रह पाती।

29 दिसंबर को किया गया सफल ऑपरेशन

मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्थोपेडिक विभागाध्यक्ष डॉ. ए. आर. बेन को सूचित किया गया। आवश्यक जांच एवं निश्चेतना विभाग से फिटनेस प्राप्त होने के बाद 29 दिसंबर 2025 को बच्चे का सफल ऑपरेशन किया गया।

ऑपरेशन के दौरान घुटने की कटोरी के एक ओर की मांसपेशी को टाइट किया गया तथा दूसरी ओर की मांसपेशी को ढीला किया गया। मेडिकल पब्लिकेशन के अनुसार VMO Plasty एवं Quadriceps Z-Lengthening तकनीक का उपयोग किया गया।

ऑपरेशन के बाद घुटने की कटोरी पूरी तरह स्थिर हो गई और बच्चा अब सामान्य रूप से चलने-फिरने में सक्षम है।

ऑपरेशन टीम

  • डॉ. ए. आर. बेन – विभागाध्यक्ष, आर्थोपेडिक
  • डॉ. संजय घिल्ले – असिस्टेंट प्रोफेसर
  • डॉ. अविनाश अग्रवाल
  • डॉ. प्रवीन द्विवेदी

निश्चेतना एवं नर्सिंग टीम

  • डॉ. मधुमिता मूर्ति – विभागाध्यक्ष, निश्चेतना
  • डॉ. मिल्टन
  • डॉ. श्वेता कुजूर
  • नर्सिंग स्टाफ – योगेश्वरी एवं अन्य कर्मचारी

आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क इलाज

यह संपूर्ण उपचार आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पूरी तरह निःशुल्क किया गया, जिससे परिजनों को किसी भी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ा।

विशेषज्ञों की राय

चिकित्सकों का कहना है कि इस प्रकार के दुर्लभ मामलों का सफल उपचार यह दर्शाता है कि अब सिम्स में बच्चों की जटिल सर्जरी के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता कम हो रही है।

सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा—
“यह ऑपरेशन सिम्स में पहली बार किया गया है, जो संस्थान की बढ़ती तकनीकी क्षमता और चिकित्सकों की दक्षता को दर्शाता है।”

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा—
“आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निःशुल्क इलाज प्रदान कर जरूरतमंद मरीजों को राहत देना सिम्स की प्रतिबद्धता है।”

स्वास्थ्य मंत्री के मार्गदर्शन में मिली सफलता

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में राज्य के शासकीय चिकित्सा संस्थानों को लगातार आधुनिक संसाधन, उन्नत उपकरण एवं मानव संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

सिम्स में इस प्रकार की जटिल सर्जरी का सफल होना इस बात का प्रमाण है कि आमजन को अब प्रदेश में ही उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो रही है।

मनमोहन पात्रे संपादक The YUVA WORLD News

2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत, दैनिक अखबार, सेटेलाइट न्यूज़ चैनल, राष्ट्रीय मासिक पत्रिका में कार्य करने का अनुभव B. Sc. Mathematics व पत्रकारिता में BJMC कि डिग्री। पूर्व बिलासपुर जिला सचिव : Chhattisgarh Journalist Union Journalist Manmohan Patre Chhattisgarh

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