बिलासपुर : आबकारी विभाग के एसआई पर गंभीर आरोप, जबरिया कार्रवाई कर 2 लाख रुपए की मांग
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से आबकारी विभाग को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम कुटेला निवासी एक महिला ने आबकारी विभाग की सब इंस्पेक्टर और उनकी टीम पर अवैध छापेमारी, मारपीट, जबरन उठाने और मोटी रकम की मांग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बिना वारंट घर में घुसकर की गई छापेमारी
पीड़िता बुधवारा बाई धृतलहरें (उम्र 50 वर्ष) ने लिखित शिकायत में बताया कि 20 जनवरी की सुबह करीब 6:30 बजे आबकारी वृत्त बिलासपुर की टीम, जिसमें एसआई ऐश्वर्या मिंज शामिल थीं, चार पहिया वाहन से उनके घर पहुंची। आरोप है कि अधिकारियों ने सात फीट ऊंची बाउंड्रीवाल फांदकर बिना किसी वैध कारण और वारंट के घर में प्रवेश किया और तलाशी ली।
पीड़िता के अनुसार, तलाशी के दौरान घर से कोई भी शराब या मादक पदार्थ बरामद नहीं हुआ, इसके बावजूद उनके बेटे दीपक कुमार धृतलहरें को जबरन उठाकर अपने साथ ले जाया गया और झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई।
आबकारी कार्यालय में मारपीट और प्रताड़ना का आरोप
शिकायत में बताया गया कि जब पीड़िता को आबकारी कार्यालय बुलाया गया, तो वह अपनी बेटी रजनी राय, छोटे बेटे मनीष कुमार और ग्राम पंचायत कुटेला के सरपंच अनिल कुमार के साथ वहां पहुंचीं। आरोप है कि कार्यालय में एसआई ऐश्वर्या मिंज और अन्य कर्मचारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और दोनों बेटों दीपक व मनीष के साथ मारपीट की गई।
पीड़िता का कहना है कि दोनों बेटों को घंटों तक कार्यालय परिसर में बैठाकर रखा गया, मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया तथा लगातार धमकियां दी गईं।
मामला रफा-दफा करने के लिए 2 लाख रुपये की मांग
बुधवारा बाई ने आरोप लगाया है कि एसआई ऐश्वर्या मिंज ने मामले को खत्म करने के लिए उनसे दो लाख रुपये की मांग की। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया और कहा कि उनके परिवार ने कोई अपराध नहीं किया है, तो उनके साथ मारपीट कर कार्यालय से भगा दिया गया।
महिला का यह भी कहना है कि आबकारी विभाग के कुछ कर्मचारी क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री को बढ़ावा देकर कमीशन वसूलते हैं, जबकि निर्दोष ग्रामीणों को डराया-धमकाया जाता है।
पहले भी वसूली का आरोप
पीड़िता के अनुसार, इससे पहले भी उनके घर पर छापेमारी की गई थी, जहां केवल पीने के लिए रखी गई शराब को आधार बनाकर कार्रवाई की धमकी दी गई और डेढ़ लाख रुपये की वसूली की गई थी। इस बार कुछ भी बरामद न होने पर भी परिवार को झूठे केस में फंसाने की कोशिश की जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के संरक्षण में कार्रवाई का आरोप
सूत्रों की मानें तो इस तरह की कार्रवाई जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों के संरक्षण में की जा रही है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि आबकारी विभाग की टीम द्वारा डर और दबाव बनाकर मोटी रकम वसूली जा रही है, जिससे आम जनता में भय का माहौल है।
पीड़ित परिवार की न्याय की गुहार
पीड़ित परिवार ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोनों बेटों को तत्काल रिहा करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल जिला प्रशासन या आबकारी विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
— The YUVA WORLD News | सच के साथ
Note : अगले पार्ट में मिलेंगे आप से इसी मामले के अपडेट और मामले से जुड़े कुछ विडियो और सुत्रों से मिले सबूत के साथ!








Average Rating
More Stories
Bilaspur : बेलतरा की बदहाल सड़कों पर अंकित गौरहा का सवाल—कैबिनेट ने डामर पर दी राहत, नगर निगम की सड़कों का समाधान कब?
बिलासपुर: रसूखदार कबाड़ कारोबारी मारपीट मामले में गिरफ्तार, दूसरा आरोपी फरार!
बिलासपुर: गनियारी में स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण जारी रहने का आरोप, शासकीय भूमि के मामले में कलेक्टर से शिकायत..अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर