SDM न्यायालय बिलासपुर में गंभीर आरोप: अपील प्रकरण में बाबू द्वारा अवैध आदेश तैयार करने और अभद्र व्यवहार की शिकायत
बिलासपुर | The YUVA WORLD News
बिलासपुर जिले के SDM न्यायालय से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां धारा 44 छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता के तहत लंबित एक अपील प्रकरण में न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
हेमू नगर निवासी सि. कीर्ति राव पति आशीष अडेसरा ने जिला कलेक्टर बिलासपुर को लिखित शिकायत सौंपते हुए SDM न्यायालय में पदस्थ बाबू विनय विश्वकर्मा पर उत्तरवादी से मिलीभगत कर अवैध आदेश तैयार करने तथा अधिवक्ता के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है।
दस्तावेज अपीलकर्ता के पक्ष में, फिर भी विवाद
शिकायत के अनुसार, खसरा नंबर 885/5 मौजा जूना बिलासपुर से संबंधित अपील मार्च 2025 में पंजीकृत हुई थी, जिसका प्रकरण क्रमांक 202503072400078 अ-6 (2024-25) है।
अपीलकर्ता का दावा है कि यह प्रकरण पूर्णतः दस्तावेज आधारित है, जिसमें:
- पंजीकृत विक्रय विलेख
- नामांतरण रिकॉर्ड
- डायवर्शन अभिलेख
- ऋण पुस्तिका
- पटवारी प्रतिवेदन
सभी दस्तावेज अपीलकर्ता के पक्ष में हैं। इसके बावजूद उत्तरवादी मनप्रीत सिंह होरा अब तक एक बार भी न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ है और प्रकरण प्रारंभ से ही एकपक्षीय (Ex-parte) स्थिति में है।
पहले से तैयार था आदेश, अधिवक्ता से अभद्रता
शिकायत में बताया गया है कि जब अपीलकर्ता के अधिवक्ता SDM न्यायालय की फाइल देखने पहुंचे, तब यह सामने आया कि बाबू द्वारा धारा 5 के आवेदन को खारिज करने का आदेश पहले से ही तैयार कर लिया गया था।
अधिवक्ता द्वारा आपत्ति जताने पर बाबू द्वारा:
- फाइल जबरदस्ती छीनने
- असभ्य व अभद्र भाषा का प्रयोग
- न्यायालयीन दस्तावेज देखने से रोकने
जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह सब उत्तरवादी से मिलीभगत का स्पष्ट संकेत है।
न्यायिक प्रक्रिया और सेवा नियमों के उल्लंघन का आरोप
अपीलकर्ता के अनुसार यह कृत्य:
- छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों
- न्यायिक निष्पक्षता
- लोक सेवक के दायित्व
- प्रशासनिक पारदर्शिता
का गंभीर उल्लंघन है, और इसका उद्देश्य वैध भूमि स्वामी को रिकॉर्ड के माध्यम से वंचित करना है।
कलेक्टर से की गई ये मांगें
अपीलकर्ता ने कलेक्टर बिलासपुर से निम्न मांगें की हैं:
- बाबू विनय विश्वकर्मा की भूमिका की तत्काल विभागीय जांच
- पूर्वनिर्धारित किसी भी आदेश को निरस्त किया जाए
- उक्त बाबू को प्रकरण से तत्काल हटाया जाए
- न्यायालयीन रिकॉर्ड से छेड़छाड़, पक्षपात और अभद्रता पर अनुशासनात्मक व दंडात्मक कार्रवाई
अपीलकर्ता ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें गंभीर न्यायिक क्षति होगी।
प्रतिलिपि भेजी गई
- राजस्व मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
- संभाग आयुक्त, बिलासपुर
- अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बिलासपुर
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है।







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