ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होगा मयाली: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
The YUVA WORLD News | रायपुर | 05 फरवरी 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 की उप-योजना सीबीडीडी के अंतर्गत स्वीकृत मयाली-बगीचा विकास परियोजना का मयाली नेचर कैंप में विधिवत भूमिपूजन किया। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से क्रियान्वित इस परियोजना के तहत जशपुर जिले के मयाली, विश्व प्रसिद्ध मधेश्वर पर्वत (विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग) तथा बगीचा स्थित कैलाश गुफा क्षेत्र में आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
जशपुर को मिली पर्यटन विकास की बड़ी सौगात
यह परियोजना क्षेत्र की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और जनजातीय विरासत के संरक्षण के साथ-साथ समुदाय आधारित पर्यटन को सशक्त बनाएगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और जशपुर जिले को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में नई पहचान मिलेगी।
मयाली बनेगा वैश्विक पर्यटन केंद्र
मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि मयाली-बगीचा विकास परियोजना जशपुर जिले के पर्यटन विकास के लिए एक ऐतिहासिक पहल है। मयाली अब पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है और आने वाले समय में यह एक ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होगा।
मधेश्वर पर्वत को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मयाली की पहचान सदियों से मधेश्वर महादेव से जुड़ी हुई है, जिसे विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है। इस परियोजना से मधेश्वर पर्वत के धार्मिक और पर्यटन महत्व को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। परियोजना के अंतर्गत मयाली डेम के समीप पर्यटक रिसोर्ट और स्किल डेवलपमेंट सेंटर का निर्माण किया जाएगा।
इको-टूरिज्म और एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में विकास
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मयाली को एक समग्र इको-टूरिज्म और एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां के जंगल, झरने, पहाड़ और समृद्ध आदिवासी संस्कृति को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाया जाएगा। पर्यटन से होने वाली आय का सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा।
इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा होम-स्टे नीति लागू की गई है, जिससे ग्रामीण परिवार पर्यटन गतिविधियों से जुड़कर आय अर्जित कर सकेंगे और पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
विकास कार्यों से बदलेगी मयाली की तस्वीर
परियोजना के अंतर्गत 5 पर्यटक कॉटेज, कॉन्फ्रेंस एवं कन्वेंशन हॉल, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, भव्य प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल, आधुनिक टॉयलेट सुविधा, लैंडस्केपिंग और पाथवे का निर्माण किया जाएगा।
धार्मिक पर्यटन को सशक्त करने के लिए शिव मंदिर क्षेत्र में प्रवेश द्वार, पाथवे और अन्य सुविधाओं का विकास होगा। वहीं बगीचा स्थित कैलाश गुफा परिसर में पिकनिक स्पॉट, रेस्टिंग शेड, घाट विकास, सीढ़ियों और रेलिंग का जीर्णोद्धार किया जाएगा।
युवाओं के लिए नए अवसर
स्किल डेवलपमेंट सेंटर में टूर गाइड, होटल सेवा, एडवेंचर स्पोर्ट्स, हस्तशिल्प और डिजिटल बुकिंग से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे जशपुर की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा मिलेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।








Average Rating
More Stories
Ambikapur News: कांग्रेस में जाने के 10 दिन बाद नूर हसन अली की AAP में वापसी, 150 से अधिक कार्यकर्ता भी लौटे
Bilaspur News: नगर निगम सामान्य सभा से पहले BJP पार्षद दल की बैठक, अमर अग्रवाल ने दिए ये निर्देश
Breaking News : टेंडर खुलने से पहले ही काम पूरा! लोरमी विद्युत विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल..कागजों में 22 सितंबर को खुलेगी निविदा, जमीन पर पहले ही खड़े हो गए खंभे और ट्रांसफार्मर..उप मुख्यमंत्री अरुण साव और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के क्षेत्र का मामला