रायगढ़: सोशल मीडिया रील पर भारी पड़ती वर्दी की गरिमा? TI कमला पुसाम का वीडियो वायरल
रायगढ़ (छत्तीसगढ़)। सोशल मीडिया के दौर में ‘लाइक्स’ और ‘व्यूज’ की चाह अब हर क्षेत्र में देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में रायगढ़ जिले के थाना कोटरा रोड में पदस्थ थाना प्रभारी (TI) कमला पुसाम का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल वीडियो में निरीक्षक कमला पुसाम पुलिस लिखी गाड़ी और तीन सितारों वाली वर्दी के साथ फिल्मी अंदाज में स्टाइल दिखाती नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि वीडियो में वाहन से ड्रिफ्ट करते हुए रील बनाई गई है, जिसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया।
जनता की नाराजगी: क्या कानून सबके लिए समान नहीं?
इस वीडियो के सामने आने के बाद आम जनता के बीच नाराजगी देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि यही कार्य कोई आम नागरिक करता, तो क्या पुलिस अब तक उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई नहीं कर देती?
जनता का सीधा सवाल है कि क्या पुलिस की वर्दी पहनने वाले अधिकारियों के लिए अलग नियम हैं और आम नागरिकों के लिए अलग? क्या वर्दी की गरिमा सोशल मीडिया की लोकप्रियता से छोटी हो गई है?
पुलिस सेवा नियमों के खिलाफ?
पुलिस विभाग की सेवा नियमावली के अनुसार, ड्यूटी के दौरान या वर्दी पहनकर इस प्रकार का प्रदर्शन करना वर्जित है। वर्दी केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने, जनता की सुरक्षा और सेवा के लिए है, न कि निजी प्रचार या सोशल मीडिया कंटेंट के लिए।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं और क्या संबंधित अधिकारी पर कोई कार्रवाई होती है या मामला केवल चर्चा तक ही सीमित रह जाता है।
युवाओं पर गलत संदेश का खतरा
इस तरह के वीडियो समाज, विशेषकर युवाओं के लिए एक गलत संदेश भी देते हैं। जब कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले अधिकारी स्वयं नियमों की अनदेखी करते नजर आते हैं, तो युवाओं में यह धारणा बनती है कि लोकप्रियता के लिए नियमों को तोड़ा जा सकता है।
युवाओं को अनुशासन, जिम्मेदारी और कानून के सम्मान की सीख देने के बजाय यदि इस प्रकार का कंटेंट सामने आता है, तो यह सामाजिक मूल्यों और प्रशासनिक साख दोनों को नुकसान पहुंचाता है।
प्रशासनिक जिम्मेदारी की परीक्षा
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा और ट्रॉल का विषय बना हुआ है। जनता की निगाहें अब पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों पर टिकी हैं कि क्या वे इस पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच कर उचित कदम उठाते हैं या नहीं।
कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली वर्दी की गरिमा बनाए रखना हर अधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।






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