बिलासपुर : शहर के सकरी थाना क्षेत्र में इन दिनों कुछ ढाबों पर खुलेआम शराब परोसे जाने और पिलाए जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालात ऐसे बन गए हैं मानो अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के बीच पुलिस का खौफ ही खत्म हो गया हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे किनारे संचालित कुछ ढाबों में देर रात तक शराबखोरी का दौर चलता है, जबकि नियमों के मुताबिक ढाबों या होटल में बिना वैध अनुमति शराब परोसना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
एक ओर जहां बिलासपुर पुलिस सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर सकरी थाना क्षेत्र के कुछ ढाबों में खुलेआम शराब परोसे जाने की बात सामने आ रही है। इससे पुलिस की कार्रवाई और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा विरोधाभास नजर आ रहा है।
बताया जा रहा है कि सकरी थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 130 पर हाल ही में शुरू हुआ एक नया ढाबा इन दिनों खासा चर्चा में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वहां देर रात तक खुलेआम शराब पीने और पिलाने का सिलसिला चलता है। हैरानी की बात यह है कि जब आम लोगों को इसकी जानकारी है, तो पुलिस को इसकी भनक न होना कई सवाल खड़े करता है।
उसी ढाबे में काम करने वाले एक युवक ने बताया कि ढाबे में आधिकारिक तौर पर शराब पीना मना बताया जाता है, लेकिन कथित तौर पर पुलिसकर्मियों को “क्वार्टर” दिए जाते हैं। यहां “क्वार्टर” का मतलब शराब की बोतलों से बताया गया। युवक का यह भी दावा है कि थाना प्रभारी ने ढाबा संचालक को थाने बुलाया था और कथित तौर पर पैसे लेकर वहां शराब पिलाने की खुली छूट दे दी गई। इतना ही नहीं, महीने की तय राशि यानी “महीना” भी बंधा होने की बात कही जा रही है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
इधर, नए थाना प्रभारी के आने के बाद से सकरी थाना पहले भी सुर्खियों में रह चुका है। कुछ दिनों पहले ही सकरी थाने में पदस्थ एक आरक्षक का पैसे मांगते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मामले को गंभीरता से लेते हुए बिलासपुर पुलिस अधीक्षक ने उस आरक्षक को निलंबित कर दिया था। इसके कुछ समय बाद उसी थाने से एक और आरक्षक पर अवैध वसूली के आरोप सामने आए, जिस पर शिकायत मिलने के बाद उसे भी मौखिक कार्रवाई करते हुए लाइन अटैच कर दिया गया।
पहले मामले में गौर करने वाली बात यह भी रही कि वायरल वीडियो में संबंधित आरक्षक खुद कहते सुनाई दे रहा था कि “थाना प्रभारी को भी जवाब देना पड़ेगा।” ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि पूरे मामले की जानकारी उच्च स्तर तक थी, तो कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक ही सीमित क्यों रही।
अब देखने वाली बात यह होगी कि इस खबर के सामने आने के बाद सकरी थाना क्षेत्र में कथित रूप से चल रहे अवैध धंधों पर लगाम लगती है या नहीं। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जिम्मेदार वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस पूरे मामले को किस गंभीरता से लेते हैं और सकरी थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
नोट : मामले से जुड़े कुछ विडियो और जानकारी भी हमारे हाथ लगी है जिसकी सत्यता की जांच The Yuva World News के द्वारा किया जा रहा है अगले पार्ट में वह भी हमारे दर्शकों के साथ साझा करेंगे ।









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