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Breaking News : सकरी थाना प्रभारी और दो अन्य पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप, कार्रवाई के बजाय समझौते का दबाव—60-70 लाख का मामला, 5 लाख ही रिकवर

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सकरी थाना प्रभारी और दो अन्य पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप, कार्रवाई के बजाय समझौते का दबाव—60-70 लाख का मामला, 5 लाख ही रिकवर

 

बिलासपुर : जिले के सकरी थाना क्षेत्र से एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां प्रार्थी सतीश मिश्रा (निवासी आसमा सिटी, सकरी) ने सीधे तौर पर सकरी थाना प्रभारी विजय चौधरी, पुलिसकर्मी आफाक खान और आरक्षक आशीष शर्मा पर कार्रवाई के बजाय समझौते का दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

प्रार्थी ने प्रेस वार्ता में बताया कि उनके घर से सोने के जेवरात चोरी हुए थे, जिनकी जगह नकली जेवर रख दिए गए। पुलिस जांच में सामने आया कि इस घटना में उनके नाबालिग पुत्र की संलिप्तता है, जिसने किसी के बहकावे में आकर यह कदम उठाया। साथ ही, एटीएम के जरिए करीब 2 से 2.5 लाख रुपये भी निकाले गए।

 

सतीश मिश्रा के अनुसार, पूरा मामला लगभग 60 से 70 लाख रुपये का है, जिसमें अब तक करीब 5 लाख रुपये की ही रिकवरी हो पाई है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने कुछ संदिग्धों को पकड़कर पैसे वापस कराने की कोशिश की और समझौता कराया, लेकिन अगले ही दिन संबंधित लोग मुकर गए और पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि इसके बाद सकरी थाना प्रभारी विजय चौधरी, आफाक खान और आरक्षक आशीष शर्मा ने प्रार्थी पर दबाव बनाया कि यदि वह कानूनी कार्रवाई की मांग करता है तो उसका नाबालिग बेटा ही मुख्य आरोपी बनकर जेल जाएगा। साथ ही, उसकी पत्नी की गंभीर बीमारी (कैंसर) का हवाला देकर उसे समझौता करने के लिए मानसिक रूप से दबाव में लाने की कोशिश की गई।

प्रार्थी का कहना है कि उसका नाबालिग बेटा कुछ लोगों के प्रभाव में आकर इस पूरे घटनाक्रम का हिस्सा बना और असली लाभ अन्य लोगों ने उठाया।

अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लिया था, तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या कारण रहा कि कार्रवाई के बजाय समझौते पर जोर दिया गया?

इस घटनाक्रम ने सकरी थाना की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रार्थी ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल, मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब यह देखना अहम होगा कि आरोपों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिन पुलिसकर्मियों पर दबाव बनाने के आरोप लगे हैं, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

👉 इस पूरे मामले पर हमारी लगातार नजर बनी हुई है, जैसे ही कोई नया अपडेट सामने आएगा, हम आपको सबसे पहले अवगत कराएंगे।

मनमोहन पात्रे संपादक The YUVA WORLD News

2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत, दैनिक अखबार, सेटेलाइट न्यूज़ चैनल, राष्ट्रीय मासिक पत्रिका में कार्य करने का अनुभव B. Sc. Mathematics व पत्रकारिता में BJMC कि डिग्री। पूर्व बिलासपुर जिला सचिव : Chhattisgarh Journalist Union Journalist Manmohan Patre Chhattisgarh

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