तंत्र-मंत्र के नाम पर महिलाओं को फंसाने और ब्लैकमेल करने का मामला : पुलिस में लिखित शिकायत के बावजूद प्रताड़ना जारी.. धार्मिक आस्था की आड़ में अपराध और डिजिटल युग में ब्लैकमेलिंग के नए तरीके?
The YUVA WORLD News
बिलासपुर, छत्तीसगढ़: धार्मिक अनुष्ठानों और तंत्र-मंत्र के नाम पर महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने और पैसे ऐंठने का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ितों को बदनाम करने, जान से मारने की धमकी देने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके आपत्तिजनक तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर डालने की धमकी भी दी जा रही है।
इस संबंध में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक महिला ने सिविल लाइन थाने में एक लिखित आवेदन प्रस्तुत किया था, जिसमें अतुल तिवारी, आशीष पाठक और नीरज नामक व्यक्तियों का जिक्र है। वहीं महिला से जब हमारी टीम ने बात की तो उन्होंने एक और व्यक्ति मनीष पाठक का जिक्र भी किया हैं.
चौंकाने वाली बात यह है कि आवेदन देने के बावजूद पीड़ित महिला को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के सतना और रीवा क्षेत्र के रहने वाले अतुल तिवारी, आशीष पाठक और नीरज नामक यह गिरोह पूजा-पाठ और तंत्र-मंत्र के बहाने महिलाओं से संपर्क स्थापित करता है।
शुरुआती मेलजोल के बाद, वे पीड़ितों को भावनात्मक रूप से फंसाते हैं और फिर उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर देते हैं। लिखित आवेदन में बताया गया है कि यदि कोई महिला उनकी बात मानने से इनकार करती है या उनके खिलाफ आवाज उठाती है, तो उसे चरित्रहीन बताकर बदनाम करने की धमकी दी जाती है।पीड़ितों को डराने के लिए यह गिरोह तंत्र-मंत्र के जरिए जान से मारने की धमकी भी देता है।
इसके अलावा, एक और चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि यदि महिलाएं उनकी मांगों को पूरा नहीं करती हैं, तो उन्हें AI-जनित आपत्तिजनक तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी जाती है, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
बिलासपुर में प्रस्तुत लिखित आवेदन के मुताबिक, एक महिला ने बताया कि कुछ समय पहले धार्मिक यात्रा के दौरान उसकी मुलाकात अतुल तिवारी, आशीष पाठक और नीरज से हुई थी, जिन्होंने खुद को पंडित बताया था। पूजा-पाठ के सिलसिले में उनके बीच संपर्क नंबरों का आदान-प्रदान हुआ। बाद में, इन्हीं व्यक्तियों ने महिला के चरित्र पर लांछन लगाना शुरू कर दिया और उसके परिचितों के बीच गलत अफवाहें फैलाईं। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो उसे और अधिक बदनाम करने की धमकी दी गई। महिला ने अपने आवेदन में कहा है कि इन अफवाहों के कारण उसे समाज में बहुत अपमान का सामना करना पड़ रहा है और उसे हर जगह सफाई देनी पड़ रही है।
महिला ने बताया कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि सिविल लाइन थाने में लिखित आवेदन प्रस्तुत करने के बावजूद, पीड़ित महिला को अतुल तिवारी, आशीष पाठक, नीरज और मनीष पाठक के द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक आस्था की आड़ में होने वाले अपराधों और डिजिटल युग में ब्लैकमेलिंग के नए तरीकों पर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस को इस मामले में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और ऐसे अपराधियों को कड़ी सजा मिल सके।







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