नशाखोर शिक्षक की धमकी से दहले वरिष्ठ पत्रकार, परिवार ने मांगी सुरक्षा ?
पुलिस थाने में शिकायत, पत्रकार सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की मांग
अभनपुर, रायपुर
पत्रकारिता जगत को हिलाकर रख देने वाली एक घटना सामने आई है, जिसमें अभनपुर के वरिष्ठ पत्रकार एल.के. नामदेव को जान से मारने की धमकी दी गई। घटना 16 जनवरी 2025 की है, जब प्राथमिक पाठशाला गिरोला में कार्यरत शिक्षक विजय कुमार घोड़ेश्वर ने अपने दो साथियों के साथ पत्रकार के घर पहुंचकर न केवल गाली-गलौज की, बल्कि गंभीर धमकियां भी दीं।
घटना का विवरण
एल.के. नामदेव, जो “भारत का आईना” समाचार पत्र और यूट्यूब चैनल के प्रबंध संपादक हैं, ने अपनी पत्नी और प्रधान संपादक ललिता देवी नामदेव के साथ मिलकर हमेशा आम जनता की समस्याओं को उठाने और शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का जिम्मा उठाया है।
17 दिसंबर 2024 को प्रकाशित एक रिपोर्ट में उन्होंने गिरोला प्राथमिक पाठशाला की शैक्षणिक स्थिति और शिक्षक विजय कुमार घोड़ेश्वर की संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा किया था। रिपोर्ट के बाद से शिक्षक घोड़ेश्वर बौखला गया और व्यक्तिगत रंजिश पर उतर आया।
16 जनवरी की रात 7:50 बजे घोड़ेश्वर और उसके दो साथी एल.के. नामदेव के घर पहुंचे। पत्रकार उस समय घर पर मौजूद नहीं थे, लेकिन उनकी पत्नी से बदसलूकी की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीनों व्यक्ति नशे की हालत में थे और बार-बार दरवाजा खोलने का दबाव बना रहे थे।
पत्रकार के खिलाफ अपमानजनक व्यवहार
घोड़ेश्वर ने घर के बाहर खड़े होकर पत्रकार को गाली दी और धमकी देते हुए कहा, “रास्ते में मिल जाएगा तो वहीं से उठा लेंगे।” इतना ही नहीं, उन्होंने फोन पर भी लगातार धमकियां दीं। पत्रकार को उच्च रक्तचाप की बीमारी होने के कारण तबीयत बिगड़ने की आशंका हुई, जिसके चलते उन्होंने फोन काट दिया।
स्थानीय पत्रकारों का रोष और कानूनी कार्रवाई की मांग
इस गंभीर घटना को लेकर स्थानीय पत्रकारों ने एकजुट होकर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मांग की है कि पत्रकार सुरक्षा कानून और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत विजय कुमार घोड़ेश्वर और उसके साथियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि घोड़ेश्वर का संपर्क असामाजिक तत्वों और नशाखोरों से है। इस शिक्षक के खिलाफ पहले भी स्थानीय लोग शिकायत कर चुके हैं।
प्रशासन से सुरक्षा की मांग
एल.के. नामदेव और उनके परिवार ने माननीय मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, रायपुर संभाग आयुक्त, और पुलिस प्रशासन से अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने यह भी आशंका जताई है कि घोड़ेश्वर उनके परिवार और संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकता है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
अभनपुर थाना प्रभारी (टीआई) ने कहा है, “शिकायत प्राप्त हो चुकी है। घटना की विस्तृत जांच के बाद एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”
पत्रकार सुरक्षा अधिनियम की प्रासंगिकता
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा हाल ही में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर नए कानून बनाए गए हैं। इस घटना ने फिर से प्रशासन और कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
समाज और शासन के लिए विचारणीय प्रश्न
यह घटना केवल पत्रकारों पर हुए हमले तक सीमित नहीं है। यह चौथे स्तंभ के स्वतंत्र कार्य में बाधा पहुंचाने का प्रयास है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाते हैं।







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