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कही गाय भी विलुप्तता की श्रेणी में ना हो जाय शामिल, हर घर में हो एक देशी गाय – विधायक

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एमसीबी। जिले में जैविक खेती और किसानों को प्रशिक्षण देने के दूरगामी सोच को लेकर श्री हरि गौ शाला में चिंतन मनन और सामूहिक रूप से सबकी भागीदारी सुनिश्चित करने ग्राम घनपुर के गौशाला में बैठक आयोजित हुई, जिसमें स्वास्थ्य मंत्री समेत चिरमिरी नगर पालिक निगम के महापौर राम नरेश राय, सभापति संतोष सिंह, संघ संचालक कोरिया, विभाग संघ संचालक, सह विभाग संघ संचालक और पूर्व जिला अध्यक्ष, पूर्व जनपद अध्यक्ष समेत कई हस्तियां शामिल हुई। ज्ञात हो कि 2016, 2017 में श्री हरि गौ शाला की नींव रखी गई थी किंतु अपरिहार्य कारणों से पूर्ण रूप से विस्तार नहीं हो सका था लेकिन गौशाला समिति ने अब आगामी कुछ माह में चालू करने का निर्णय लिया है।

बताया गया कि श्री हरि गौशाला जन सहयोग के माध्यम एक बड़े प्रोजेक्ट के रूप में संचालित करने की मंशा गौशाला समिति रखती है। समिति इस गौशाला से आय अर्जन करने की बजाय निराश्रित, दुर्बल गायों की सेवा से पुण्य लाभ अर्जन करने का प्रयास है और गोबर तथा गौमूत्र से भारत में बनने वाले लगभग 300 प्रॉडक्ट्स तैयार कर गौशाला को स्वावलंबी बनाने की दिशा में आज की बैठक आयोजित की गई थी। इसके साथ ही बताया गया कि यहां सेवा भावना के साथ साथ किसानों को जैविक खेती से होने वाले फायदों की जानकारी देकर एक बड़ा प्रशिक्षण केंद्र में विस्तार करने की योजना है जिसका उपस्थित अतिथियों ने सहस्र सहयोग करने की बात स्वीकार की। विदित हो कि 2016 से गौशाला की जब से नींव रखी गई है तब से यहां कुछ ना कुछ काम होता चला आ रहा है किंतु सुचारू रूप से आज भी गौशाला प्रारंभ नहीं हो सका है इसी तारतम्य में बैठक आयोजित कर आगामी दो तीन माह के भीतर प्रारंभ करने की दिशा में विचार साझा किए गए। बैठक में आए जिला संघ संचालक कोरिया नीरज कुमार अग्रवाल ने कहा कि आज रासायनिक खाद हमारे जीवन को काफी हद तक प्रभावित कर रही है, आप देखते और सुनते होंगे कि हमारे देश प्रदेश और जिले में कई ऐसे व्यक्ति है जिन्होंने अपने जीवन काल में किसी प्रकार का व्यसन नहीं अपनाया फिर भी वे बड़ी बीमारी शुगर, थायराइड, रक्तचाप, कैंसर से पीड़ित है, इसकी बड़ी वजह रासायनिक खाद है।

देशी गायों से मिलने वाला दूध, दही और घी जबकि इन रोगों में मदद करता है बाबजूद चिकित्सक परहेज करने की सलाह देते है क्योंकि अब ज्यादातर दूध, दही और घी विदेशी नस्लों से प्राप्त होता है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की बजाय नुकसान करता है। भारत में ही देशी गायों के गोबर और गौमूत्र से लगभग 300 प्रकार के उत्पाद तैयार किए जा रहे है जो हमेशा ही औषधिक रूप में प्रयोग किया जाता है तो आने वाले समय की परिकल्पना को लेकर इस श्री हरि गौशाला प्रकल्प को इसी दिशा में विकसित करने का विचार हम सब का है। प्रशिक्षण देकर किसानों को उनके खेती में लाभ मिलेगा और जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा इससे हमारा यह प्रकल्प आस पास के सटे जिलों का इकलौता केंद्र बनेगा। इसी प्रकार विभाग संघ संचालक, सह संचालक तथा पशु चिकित्सक ने सरकार की तरफ से पशु पालन से मिलने वाली सहायता के बारे में अपनी राय दी। इस अवसर पर 2016 से अपनी अहम भूमिका निभाने वाले स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि बीते 05 सालों में प्रकल्प के विस्तार में थोड़ी रुकावट जरूर आई है लेकिन अब सबके सहयोग से जल्द ही प्रकल्प को प्रारंभ कर दिया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल प्रकाश की व्यवस्था के अनुरूप विधायक निधि से एक ट्रांसफर लगाने के लिए विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है इसके साथ ही धनपुर सरपंच द्वारा सुसज्जित सामुदायिक भवन निर्माण करा दिया जाएगा जिससे यहां आने वाले लोगों को रुकने या अन्य जरूरतों के लिए जद्दोजहद करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। श्री जायसवाल ने इस बीच श्री हरि गौशाला को जमीन दान करने वाले परिवार को श्रीफल भेंट कर सम्मानित करने का भी काम किए। चिंतन मनन की बैठक में उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि धनपुर गांव का यह श्री हरि गौशाला जिसका हम लोग 2016 से निर्माण कर रहे है लेकिन अब अंतिम घड़ी आ गई है जब हम लोग इसकी शुरुआत करने वाले है और आज इसी को लेकर चिंतन मनन की बैठक आयोजित हुई है। उन्होंने आगे कहा कि इन नौ सालों में समिति ने ना हार माना है ना रार माना है निरंतर आगे बढ़ाने का काम किए है।

श्री जायसवाल ने आगे एक चिंता जाहिर करते हुए कहा कि जैसा बताया जा रहा की गौशाला की शुरुआत धनपुर गांव के 100 गायों से की जाएगी जो जन सहयोग से किसान हमे देंगे इस पर उन्होंने कहा कि यह पहले का चिन्हांकन हो सकता है लेकिन अब गांव में भी गायों की संख्या बड़ी तेजी से घटी है शायद पूर्व में जो आप लोगों के द्वारा चिन्हांकन करीब 1100 गायों की हुई थी वो भी अब घटकर 300 से 400 के आसपास ही होगी क्योंकि अब लोग गाय को चराना नहीं चाहते है खेती बाड़ी के समय दूर जंगलों की ओर गायों को खदेड़ रहे है और ऐसा ना हो कि देशी गाय विलुप्त प्रजाति की श्रेणी में शामिल हो जाय इसलिए गायों का संवर्धन जरूरी है। वैसे भी हमारे सनातन धर्म में गौ माता की जो महिमा है उसके बिना हमारा कोई भी काम शुरू नहीं हो सकता है। धार्मिक अनुष्ठान हो या जीवन जीने के लिए आवश्यक तत्व दोनों में गायों की बड़ी महता है। उन्होंने आगे कहा कि बड़ी चिंताजनक बात है जब मैं देखता हु कि मिलावटी पनीर तैयार किया जा रहा है वो भी बिना दूध के यानि रासायनिक रूप से केमिकल वाला पनीर बाजार में खपाने के लिए तैयार किया जाता है और मैं उस विभाग का मंत्री हूं तो ऐसे में लगता है कि प्रदेश में श्री हरि गौशाला की तर्ज पर गाय के संवर्धन की आज जरूरत है और प्रत्येक घर में अपने उपयोग के लिए कम से कम एक देशी गाय का पालन होना चाहिए।

अंत में श्री जायसवाल जी ने समाज से अपील करते हुए कहा कि प्रारंभ में करीब 10 से 12 लाख रुपए की आवश्यकता है तो जिनको भी सहयोग करना है आने वाले 15 दिनों के भीतर में कर दे ताकि बरसात से पूर्व भूसा चारा और सेड जैसे निर्माण को गति दिया जा सके, इसके साथ उन्होंने स्वयं हर संभव मदद एक जनप्रतिनिधि के रूप में करने का आश्वासन समिति को दिया। इस बैठक में मुख्य रूप से प्रणव चक्रवर्ती, जगलाल सिंह,मोतीलाल अध्यक्ष श्री हरि गौशाला, ललितेश जी, महापौर नगर निगम चिरमिरी राम नरेश राय, सभापति संतोष सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रेणुका सिंह, श्रीमती सोनमति ऊररे पूर्व जनपद अध्यक्ष खड़गवा, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत वीरेंद्र सिंह करियांम, सरपंच सागर सिंह धनपुर, अरुणोदय पांडे, द्वारिका जायसवाल, सुरेश साहू, अभय जायसवाल, धनंजय पांडे, काकू दा, शिलाकांत झा, विवेक द्विवेदी, पशु चिकित्सक अजगले सहित भारी संख्या में ग्रामीण तथा गौसेवक उपस्थित रहे।

देबाशीष गांगुली ( ब्यूरो प्रमुख सरगुजा संभाग )

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