स्लीप पर्सनैलिटी डिसऑर्डर: क्या आपकी नींद आपकी पर्सनैलिटी पर असर डाल रही है?
नई दिल्ली: क्या आपको रात में बार-बार नींद खुलती है? या फिर सुबह उठते ही मूड खराब रहता है? अगर हां, तो हो सकता है कि आपकी पर्सनैलिटी और मानसिक स्वास्थ्य पर इसका गहरा असर पड़ रहा हो।
विशेषज्ञों के अनुसार, नींद की गड़बड़ियां (Sleep Disorders) और पर्सनैलिटी डिसऑर्डर (Personality Disorder) के बीच गहरा संबंध पाया गया है। कई शोध बताते हैं कि जो लोग बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर (BPD) से जूझ रहे होते हैं, उन्हें नींद से जुड़ी गंभीर समस्याएं होती हैं, जिससे उनकी मानसिक स्थिति और बिगड़ सकती है।
कैसे पहचानें इस समस्या को?
- बार-बार नींद खुलना
- रात में बेचैनी महसूस होना
- सुबह उठने पर थकान और चिड़चिड़ापन
- अत्यधिक सपने देखना या डरावने सपने आना
- नींद पूरी होने के बाद भी सुस्ती रहना
क्या कहती है रिसर्च?
फ्रंटियर्स इन स्लीप नामक शोध पत्र के मुताबिक, नींद की कमी से भावनात्मक अस्थिरता बढ़ सकती है, जिससे व्यक्ति को अधिक गुस्सा, उदासी या घबराहट महसूस हो सकती है। नींद की कमी वाले लोग ज्यादा आवेगी होते हैं और उन्हें डिप्रेशन जैसी समस्याएं होने का खतरा ज्यादा रहता है।
समाधान क्या है?
अगर आपको भी इस तरह की समस्या हो रही है, तो नीचे दिए गए उपाय आपकी मदद कर सकते हैं:
✅ हर दिन एक ही समय पर सोने और जागने की आदत डालें।
✅ सोने से पहले मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल कम करें।
✅ रात में कैफीन और तली-भुनी चीजों से बचें।
✅ मानसिक शांति के लिए मेडिटेशन और योग करें।
✅ जरूरत पड़ने पर किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।
आपकी नींद आपकी मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है, इसलिए इसे नज़रअंदाज़ न करें। अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो जल्द ही किसी डॉक्टर से संपर्क करें।
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