रायपुर। छत्तीसगढ़ के पंचायत एवं नगरीय निकाय विभाग में संविलियन किए गए शिक्षकों के लिए एक अहम मुद्दा सामने आया है। शिक्षकों को क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान का लाभ देने की मांग जोर पकड़ रही है। राज्य शासन के पुराने आदेशों और न्यायालय के हालिया निर्णयों के आधार पर शिक्षकों का दावा है कि वे 10 वर्ष की सेवा पर प्रथम क्रमोन्नति और 20 वर्ष की सेवा पर द्वितीय क्रमोन्नति के हकदार हैं। इसके बावजूद, अब तक रिवाइज्ड एलपीसी (लास्ट पे सर्टिफिकेट) जारी नहीं किया गया है, जिससे शिक्षकों को उनका सही वेतनमान नहीं मिल रहा है।
क्या कहता है शासन का आदेश?
- 10 अगस्त 2009 का आदेश: छत्तीसगढ़ शासन वित्त एवं योजना विभाग के आदेश क्रमांक 233/वित्त/नियम/चार/09 के तहत, यदि कोई कर्मचारी एक विभाग से दूसरे विभाग में संविलियन होता है, तो उसकी पहले की सेवा अवधि समयमान वेतन के लाभ हेतु शामिल की जाएगी।
- 4 अगस्त 2010 का आदेश (वित्त निर्देश 32/2010): शासन ने इस आदेश में संशोधन करते हुए शिक्षक व व्याख्याता संवर्ग को 10 वर्ष की सेवा पर प्रथम उच्चतर समयमान वेतनमान और 20 वर्ष की सेवा पर द्वितीय उच्चतर समयमान वेतनमान देने का प्रावधान किया।
- 6 अप्रैल 2019 का आदेश: स्कूल शिक्षा विभाग ने पंचायत एवं नगरीय निकाय विभाग को निर्देशित किया कि शिक्षकों को उनके पूर्व नियोक्ता द्वारा लागू वेतनमान के अनुसार क्रमोन्नति व समयमान वेतनमान दिया जाए।
हाईकोर्ट का आदेश भी शिक्षकों के पक्ष में
हाल ही में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर ने शिक्षिका श्रीमती सोना साहू द्वारा दायर याचिका WA/261/2024 पर 28 फरवरी 2024 को निर्णय दिया। डबल बेंच के इस फैसले में स्पष्ट कहा गया कि यदि किसी शिक्षक ने 10 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, तो वह क्रमोन्नति का हकदार है।
शिक्षकों को अब तक क्यों नहीं मिला लाभ?
शासन के आदेश और न्यायालय के स्पष्ट निर्देश के बावजूद पंचायत एवं नगरीय निकाय विभाग के शिक्षकों को अभी तक यह लाभ नहीं मिला है। रिवाइज्ड एलपीसी जारी करने की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं की गई है, जिससे शिक्षकों का वेतनमान स्थिर है और उन्हें क्रमोन्नति का लाभ नहीं मिल रहा है।
शिक्षकों की मांग – जल्द जारी हो आदेश
शिक्षकों का कहना है कि –
- पंचायत एवं शिक्षा विभाग मिलाकर 10 वर्ष की सेवा पर प्रथम और 20 वर्ष की सेवा पर द्वितीय क्रमोन्नत वेतनमान दिया जाए।
- शासन तत्काल रिवाइज्ड एलपीसी जारी करे, ताकि सही वेतनमान का निर्धारण हो सके।
- 10 वर्ष व 20 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों को उच्चतर समयमान वेतनमान का लाभ मिले।
शिक्षकों का कहना है कि वे अपने हक के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और वित्त विभाग के अधिकारियों से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे। यदि जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन करने को भी मजबूर होंगे।
क्या कहता है शासन?
इस मुद्दे पर शासन का कहना है कि आदेशों और न्यायालय के निर्णय का अध्ययन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सम्बंधित शिक्षकों के दस्तावेज़ों की समीक्षा के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, शिक्षकों को उम्मीद है कि शासन जल्द ही उनके पक्ष में आदेश जारी करेगा और उन्हें उनका वाजिब हक मिलेगा।






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