पत्रकार पर जानलेवा हमला करने की साजिश! पटवारी से जुड़ी खबर छापने पर ‘ठोक देंगे’ की धमकी, शिकायत दर्ज
रायगढ़। जिले के लैलूंगा तहसील से एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पत्रकारिता की स्वतंत्रता और लोकतंत्र दोनों को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है। प्रेस क्लब लैलूंगा के अध्यक्ष पत्रकार चंद्रशेखर जायसवाल को पटवारी संगीता गुप्ता से जुड़ी खबर प्रकाशित करने के प्रयास में जान से मारने की धमकी दी गई है।
“खबर छापी तो ठोक देंगे” – कॉल पर धमकी
घटना 25 जून 2025 को दोपहर 3:01 बजे की है। पत्रकार चंद्रशेखर को मोबाइल नंबर 7489711260 से कॉल आता है। कॉलर खुद को पटवारी संगीता गुप्ता का आदमी बताता है और स्पष्ट शब्दों में धमकाता है –
“अगर खबर छापी तो सीधे ठोक देंगे… समझे ना? बहुत दूर नहीं जाना पड़ेगा।”
इसके बाद गाली-गलौज शुरू हो जाती है और जान से मारने की धमकी दी जाती है। फिर उसी नंबर से जुड़े अन्य 5 गुर्गे एक-एक करके कॉल करते हैं और ब्लॉक ऑफिस के पास बुलाकर फिजिकल अटैक की योजना की बात करते हैं।
पत्रकार ने जिन लोगों पर जताया शक:
- संजय भगत – पटवारी
- योगेन्द्र सोनवानी
- राजेश शर्मा – निवासी रगड़ी
- स्तुघन भगत – ग्राम झरण
- राहुल सारथी – इंद्रानगर
इन सभी नामों को पत्रकार चंद्रशेखर ने अपनी लिखित शिकायत में दर्ज कराया है। मामला केवल धमकी तक सीमित नहीं बल्कि सुनियोजित हमले की साजिश की आशंका को दर्शाता है।
क्या छिपाना चाहती हैं पटवारी संगीता गुप्ता?
यह सवाल भी उठ रहा है कि ऐसी कौन-सी खबर है, जिसे छापने से रोकने के लिए जान लेने तक की धमकी दी जा रही है?
- क्या संगीता गुप्ता किसी जमीन घोटाले, भ्रष्टाचार या शासनिक अनियमितता में शामिल हैं?
- क्या आम जनता के अधिकारों की बलि चढ़ाकर कुछ “समर्थकों” को बचाने की कोशिश हो रही है?
प्रशासन की चुप्पी: मिलीभगत या लाचारी?
अब तक लैलूंगा थाने की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। सवाल ये भी है:
- क्या आरोपी राजनीतिक संरक्षण प्राप्त कर रहे हैं?
- क्या पुलिस जानबूझकर समय नष्ट कर रही है ताकि साक्ष्य मिट जाएं?
अगर कार्रवाई नहीं होती, तो यह माना जाएगा कि प्रशासन भी इस साजिश का हिस्सा है।
पत्रकार संगठनों की चेतावनी: आंदोलन होगा
लैलूंगा प्रेस क्लब, रायगढ़ जिला पत्रकार संघ सहित कई पत्रकार संगठनों ने इस घटना को पत्रकारिता पर सीधा हमला करार देते हुए कहा है –
“अगर 48 घंटे के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तो रायगढ़ जिलेभर में सड़क से सचिवालय तक आंदोलन किया जाएगा।”
पत्रकार चंद्रशेखर जायसवाल का ऐलान:
“ये मेरी चुप्पी नहीं खरीद सकते। सच छापूंगा, क्योंकि यही मेरा धर्म है। अगर आज झुक गया, तो कल किसी और पत्रकार को गोली मार दी जाएगी।”
उन्होंने बताया कि उनके पास कॉल डिटेल्स, ऑडियो रिकॉर्डिंग और शक के आधार पर नामों की पूरी सूची उपलब्ध है, जिसे वे जांच एजेंसियों को सौंपने को तैयार हैं।
निष्कर्ष: यह लोकतंत्र की हत्या की कोशिश है
जब एक पत्रकार को सिर्फ सच बोलने पर जान से मारने की धमकी दी जाती है, तब यह किसी व्यक्ति पर नहीं बल्कि पूरे लोकतंत्र पर हमला है।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले को दबाने की कोशिश करता है या पीड़ित पत्रकार को न्याय दिलाने की ईमानदार कोशिश करता है।
– विशेष संवाददाता | The YWN News








Average Rating
More Stories
Bilaspur : बेलतरा की बदहाल सड़कों पर अंकित गौरहा का सवाल—कैबिनेट ने डामर पर दी राहत, नगर निगम की सड़कों का समाधान कब?
बिलासपुर: रसूखदार कबाड़ कारोबारी मारपीट मामले में गिरफ्तार, दूसरा आरोपी फरार!
बिलासपुर: गनियारी में स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण जारी रहने का आरोप, शासकीय भूमि के मामले में कलेक्टर से शिकायत..अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर