“संसाधन नहीं तो काम नहीं” – कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने 17 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार को दिया ज्ञापन
बिलासपुर, 19 जुलाई 2025: छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने 18 जुलाई को राज्यभर में तहसील कार्यालयों में संसाधनों की भारी कमी और कार्य बाधाओं को लेकर 17 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। बिलासपुर जिले में संघ के जिलाध्यक्ष प्रकाश चंद साहू के नेतृत्व में यह ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा गया।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 26 जुलाई 2025 तक मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती है तो 28 जुलाई से चरणबद्ध आंदोलन</strong शुरू किया जाएगा।
📌 प्रमुख मांगें और कारण:
- तहसील कार्यालयों में कंप्यूटर ऑपरेटर, वाहन, सुरक्षाकर्मी, तकनीकी स्टाफ की भारी कमी।
- शासकीय वाहन की व्यवस्था या वाहन भत्ता प्रदान किया जाए।
- न्यायालयीन आदेशों के मामलों में एफआईआर या मीडिया ट्रायल न हो।
- नायब तहसीलदार को राजपत्रित दर्जा और पदोन्नति प्रक्रिया में सुधार।
- SLR/ASLR की पुन: बहाली और आउटसोर्सिंग द्वारा नियुक्तियों की अधिकृत व्यवस्था।
- तहसीलदारों के लिए मोबाइल गोपनीयता और सरकारी डिवाइस मुहैया कराना।
🛑 आंदोलन कार्यक्रम की रूपरेखा:
- 21 से 26 जुलाई: निजी संसाधनों से कार्य बंद
- 28 जुलाई: जिला स्तर पर सामूहिक अवकाश
- 29 जुलाई: संभाग/राज्य स्तर पर विरोध प्रदर्शन
- 30 जुलाई: राजधानी रायपुर में धरना
- आगे: समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार
संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी ओमप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि बार-बार अवगत कराने के बावजूद शासन की निष्क्रियता के चलते यह आंदोलन अनिवार्य हो गया है। अब संघ अपने सिद्धांत “संसाधन नहीं तो काम नहीं” के तहत निर्णायक आंदोलन करेगा।
📎 कुल 17 सूत्रीय मांगों में कर्मचारियों की नियुक्ति, वाहन सुविधा, ग्रेड पे, प्रशिक्षण, मानदेय, सुरक्षा, आउटसोर्सिंग, न्यायिक संरक्षण एवं संघ की मान्यता शामिल हैं।
संघ को आशा है कि शासन स्थिति की गंभीरता को समझते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा अन्यथा आंदोलन की अगली रणनीति तैयार है।
– रिपोर्ट: The YWN News








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