उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी नहीं हुआ नियमितिकरण, कर्मचारी ने कलेक्टर से की न्याय की मांग
बिलासपुर (छत्तीसगढ़): माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा आदेश क्रमांक W.P.S. 4065/2016 दिनांक 22.06.2017 एवं कलेक्टर बिलासपुर द्वारा जारी आदेश 25.09.2024, 14.10.2024, 21.03.2025, 05.07.2025 और 10.07.2025 के बावजूद आदिवासी विकास विभाग द्वारा नियमितिकरण आदेश लागू नहीं किए जाने का मामला सामने आया है।
प्रार्थी ने कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि उनकी प्रथम नियुक्ति 18.07.2008 को हुई थी। इसके बाद 08.07.2011 एवं 04.11.2016 को भी आदेश जारी हुए, जिसमें 3 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर नियमितिकरण का प्रावधान था।
कलेक्टर बिलासपुर ने सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि मामले में माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन किया जाए तथा नियमितिकरण, एरियर भुगतान और सहायक ग्रेड-03 में पदोन्नति प्रदान की जाए, लेकिन आज तक विभाग द्वारा आदेशों का पालन नहीं किया गया।
“कलेक्टर स्वयं विधिक शाखा प्रभारी और सहायक आयुक्त को बुलाकर नोटशीट तैयार करने और लाभ देने का निर्देश दे चुके हैं, लेकिन विभाग आदेशों की अनदेखी कर रहा है।”
प्रार्थी ने कहा कि यदि विभाग द्वारा शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वह पुनः न्यायालय की शरण लेंगे। उन्होंने कलेक्टर महोदय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
👉 विभाग पर आदेश पालन न करने का आरोप
- अदालत और कलेक्टर के कई आदेशों के बावजूद कार्रवाई नहीं
- 73 दैनिकभोगी कर्मचारियों का नियमितिकरण वर्ष 2022 में किया जा चुका
- आदिवासी विकास विभाग पर लापरवाही का आरोप
इस मामले ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि कलेक्टर बिलासपुर इस प्रकरण में क्या कार्रवाई करते हैं।
— The YWN News







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