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भारतीय ज्ञान परम्परा में जनजातीय जीवन पर राष्ट्रीय कार्यशाला – नवयुग कॉलेज, जबलपुर

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भारतीय ज्ञान परम्परा में जनजातीय जीवन पर राष्ट्रीय कार्यशाला – नवयुग कॉलेज, जबलपुर

By: The YUVA WORLD News Desk | Date: 28 October 2025 | Location: Jabalpur (M.P.)

भारतीय ज्ञान परम्परा में जनजातीय जीवन पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला – नवयुग कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, जबलपुर
जबलपुर। नवयुग कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, जबलपुर में भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में
एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका विषय था “भारतीय ज्ञान परम्परा में जनजातीय जीवन”
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती के पूजन से हुआ, जिसके पश्चात् सुमधुर सरस्वती वंदना सहा. प्राध्यापक सुश्री निधि विश्वकर्मा द्वारा प्रस्तुत की गई।

इस अवसर पर ई.एल.सी. प्रभारी डॉ. पुरोधा यादव द्वारा ई.एल.सी. शपथ ग्रहण कार्यक्रम कराया गया तथा
सहा. प्राध्यापक डॉ. पूनम खन्ना की पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
एन.सी.सी. प्रभारी डॉ. अशोक नायक के मार्गदर्शन में एन.सी.सी. के छात्र हर्षित चन्द्र जोशी (UPSC CDS में सफल)
और अमन पाण्डे (सर्वश्रेष्ठ कैडेट) को सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि एवं वक्ताओं का उद्बोधन

मुख्य अतिथि प्रो. राजेश कुमार वर्मा (कुलगुरू, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय) ने कहा कि
भारत के विकास में जनजातीय संस्कृति की गहरी भूमिका है। सांस्कृतिक विकास के बिना राष्ट्र निर्माण अधूरा रहेगा।

विषय प्रवर्तक श्री सोहन सिंह (सामाजिक चिंतक) ने कहा कि
“आदिवासी समाज संवेदना से समझने का विषय है, जिन्होंने भारत की सांस्कृतिक अखंडता को सहेजा है।”

मुख्य वक्ता डॉ. अलका यतीन्द्र यादव (छत्तीसगढ़) ने कहा कि
जनजातीय जीवन वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रकृति के प्रति सम्मान की परंपरा है, जो ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना को साकार करती है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. विजय आनंद (सचिव, महाकौशल प्रांत विद्या भारती) ने जनजातीय समाज की सामूहिकता, शिक्षा और प्रकृति संरक्षण पर
जोर देते हुए कहा – “टाइगर और ट्राइव साथ रहते हैं, यह सह-अस्तित्व का अनूठा उदाहरण है।”

अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. पंजाब राव चंदेलकर (अतिरिक्त संचालक, जबलपुर संभाग) ने
जनजातीय भाषाओं को संवैधानिक मान्यता देने और उनके ज्ञान परम्परा को शिक्षा प्रणाली में शामिल करने की बात कही।

महाविद्यालय प्राचार्य का वक्तव्य

प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी ने कहा कि जनजातीय समाज से आत्मनिर्भरता, पर्यावरणीय संतुलन
और लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सभी अतिथियों व प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम संचालन एवं निष्कर्ष

राष्ट्रीय कार्यशाला की संयोजक एवं प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. मधुलिका बाजपेयी ने पंचमहाभूत तत्वों और
जनजातीय जीवन के प्राकृतिक संबंधों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन उन्होंने किया और
आभार प्रदर्शन महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी द्वारा किया गया।

इस अवसर पर विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापकगण, विद्यार्थी, एनसीसी कैडेट्स एवं अतिथि गण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम भारतीय ज्ञान परम्परा व जनजातीय जीवन की महत्ता को समझने की दिशा में एक सार्थक पहल रही।


संवाददाता: The YUVA WORLD News, जबलपुर ब्यूरो

Source: Navyug Arts & Commerce College, Jabalpur (M.P.)

मनमोहन पात्रे संपादक The YUVA WORLD News

2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत, दैनिक अखबार, सेटेलाइट न्यूज़ चैनल, राष्ट्रीय मासिक पत्रिका में कार्य करने का अनुभव B. Sc. Mathematics व पत्रकारिता में BJMC कि डिग्री। पूर्व बिलासपुर जिला सचिव : Chhattisgarh Journalist Union Journalist Manmohan Patre Chhattisgarh

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