कोटमी के चर्चित सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी हत्याकांड का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार, हथियार और लूट का माल बरामद
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के चर्चित कोटमी सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी हत्याकांड का खुलासा करने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना के बाद जिस तेजी और गंभीरता से जांच शुरू की गई, उसका परिणाम यह रहा कि पुलिस ने महज कुछ दिनों के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही वारदात में इस्तेमाल हथियार, कारतूस और लूटे गए आभूषण भी बरामद कर लिए गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग स्वयं घटनास्थल पहुंचे थे। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि किसी भी कीमत पर आरोपियों तक पहुंचा जाए। आईजी गर्ग के मार्गदर्शन में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, साइबर इनपुट, मुखबिर तंत्र और लगातार फील्ड कार्रवाई के जरिए आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र से मिली बड़ी सफलता
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिरों से मिली सूचनाओं और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मुख्य आरोपी खुशीराम साहू ने अपने भतीजे राजाराम साहू तथा बिहार-झारखंड के रहने वाले राहुल और उसके साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पहले से सर्राफा व्यापारियों की गतिविधियों की रेकी की थी और सुनियोजित तरीके से लूट और हत्या की साजिश रची थी।
देशी कट्टा, कारतूस और आभूषण बरामद
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, लूटे गए आभूषण और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के बाद आरोपियों ने लूटे गए माल का आपस में बंटवारा कर लिया था और सबूत मिटाने के लिए आभूषणों की पैकिंग सामग्री तक जला दी थी।
फरार आरोपियों की तलाश में कई राज्यों में दबिश
आईजी रामगोपाल गर्ग ने बताया कि इस सनसनीखेज वारदात में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग राज्यों में विशेष टीमें भेजी गई हैं। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही शेष आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का पूर्ण खुलासा कर दिया जाएगा।
जिला पुलिस अधीक्षक और पूरी जांच टीम ने दिन-रात मेहनत करते हुए कई जिलों और राज्यों तक जांच का दायरा बढ़ाया। लगातार दबिश, पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के चलते आरोपी कानून के शिकंजे से बच नहीं सके।
बिलासपुर से बिहार-झारखंड तक जुड़े तार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों के तार बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र से लेकर बिहार और झारखंड तक जुड़े हुए हैं। इस एंगल पर भी पुलिस गहन जांच कर रही है।
पुलिस ने न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया, बल्कि लूटे गए आभूषण, मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त देशी कट्टा भी बरामद कर लिया है।
पुलिस की सक्रियता की हो रही सराहना
यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि गंभीर अपराधों के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी मॉनिटरिंग होने पर बड़े से बड़ा मामला भी सुलझाया जा सकता है। आईजी रामगोपाल गर्ग के नेतृत्व और जीपीएम पुलिस की सक्रियता की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं, जिससे पूरे गिरोह के जल्द बेनकाब होने की उम्मीद जताई जा रही है।









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