‘रामायण वार्ता’ प्रकल्प के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने सांसद चिंतामणि महाराज
नई दिल्ली | सरगुजा। संस्था रामायण रिसर्च काउंसिल द्वारा संचालित प्रकल्प ‘रामायण वार्ता’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का दायित्व सरगुजा से सांसद चिंतामणि महाराज को सौंपा गया है। यह प्रकल्प देशभर में संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार एवं शिक्षण-प्रशिक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
संस्कृत के उत्थान के लिए चलेगा राष्ट्रव्यापी अभियान
नियुक्ति के बाद सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि उनके लिए यह गौरव का विषय है कि उन्हें रामायण रिसर्च काउंसिल जैसी प्रतिष्ठित संस्था के साथ कार्य करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि वे छत्तीसगढ़ में संस्कृत बोर्ड के चेयरमैन रह चुके हैं और संस्कृत महाविद्यालय का संचालन भी करते हैं।
उन्होंने कहा कि उनके पिता भी संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं और वे उन्हीं के सपनों को साकार करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
10 दिवसीय कोर्स और 60 वीडियो से होगा संस्कृत प्रशिक्षण
सांसद महाराज ने बताया कि ‘रामायण वार्ता’ के अंतर्गत संस्कृत भाषा को लेकर 10 दिनों का विशेष कोर्स तैयार किया गया है, जिसके अंतर्गत 60 शिक्षण वीडियो भी प्रोड्यूस किए जाएंगे।
इन वीडियोज और पुस्तकों के माध्यम से देश के विभिन्न संस्थानों में शिविर आयोजित कर देवभाषा संस्कृत की महत्ता और उसके संरक्षण की आवश्यकता को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
तकनीक से हर परिवार तक पहुंचेगी देवभाषा
उन्होंने बताया कि पटना आईआईटी इस अभियान की नोडल संस्था है, जो तकनीक के माध्यम से संस्कृत को हर सनातन परिवार तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। आगे देश के अन्य आईआईटी संस्थानों को भी तकनीकी सहयोगी के रूप में जोड़कर मोबाइल आधारित संस्कृत प्रशिक्षण को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
संस्कृत भूषण सम्मान और पत्रिका प्रकाशन
सांसद महाराज ने बताया कि यह संस्था प्रतिवर्ष संस्कृत भाषा के प्रोत्साहन हेतु कार्य करने वाले महानुभावों को संस्कृत भूषण सम्मान से सम्मानित करती है तथा पिछले तीन वर्षों से संस्कृत भाषा में पाक्षिक पत्रिका का नियमित प्रकाशन भी कर रही है।
बोले सांसद – निभाऊंगा जिम्मेदारी, दिलाऊंगा नई पहचान
चिंतामणि महाराज ने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे वे पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगे। इसके लिए वे प्रदेश भर में घूम-घूमकर संस्कृत के प्रति जागरूकता फैलाएंगे तथा देश के अन्य राज्यों में भी प्रचार-प्रसार करेंगे, ताकि लोग संस्कृत को समझ सकें, बोल सकें और उसके महत्व को जान सकें।
आखिर कौन हैं सांसद चिंतामणि महाराज?
चिंतामणि महाराज छत्तीसगढ़ के सरगुजा लोकसभा क्षेत्र से वर्तमान सांसद हैं। वे भारतीय जनता पार्टी से संबद्ध हैं और उन्होंने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी शशि सिंह को पराजित कर यह सीट जीती थी। सरल, सहज और जनप्रिय स्वभाव के कारण वे क्षेत्र में काफी लोकप्रिय हैं।







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